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राजस्थान :-जयपुर न्यूज : नारी शक्ति वंदन बिल का 'फर्जी लैटर' लाया राजस्थान में सियासी भूचाल, अब वसुंधरा राजे का करारा जवाब मचा रहा हलचल

Abhyuday Bharat News / Sun, Apr 19, 2026 / Post views : 6

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महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी बीच वसुंधरा राजे के नाम से एक फेक लैटर सोशल मीडिया पर चलाकर प्रदेश की सियासी गर्मी में उछाल लाने की कोशिश की गई है।

जयपुर: राजस्थान की सियासत में ' एक फेक लैटर' ने हलचल मचा दी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसका पर्दाफाश खुद पूर्व सीएम ने कर दिया है। उन्होंने इसे विरोधियों की "घटिया साजिश" करार दिया है।

क्या था वायरल पत्र का विवाद?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फर्जी पत्र में दावा किया गया कि वसुंधरा राजे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर अपनी ही पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। पत्र में लिखा गया था कि भाजपा अपनी दिशा से भटक रही है और महिला आरक्षण व परिसीमन की आड़ में SC, ST और OBC वर्गों के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस पत्र के सामने आते ही सियासी गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या राजे बगावत की राह पर हैं? लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट निकली।

वसुंधरा राजे बोलीं-'सांच को आंच नहीं'

मामले की गंभीरता को देखते हुए वसुंधरा राजे ने खुद मोर्चा संभाला और इस पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा 'सांच को आंच' की ज़रूरत नहीं है। यह वायरल पत्र विरोधियों की कारगुज़ारी मात्र है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में महिला आरक्षण का देश की हर महिला स्वागत कर रही है। भ्रम फैलाने वाले लोग चौथी बार भी विपक्ष में बैठने की तैयारी कर चुके हैं।

FIR और भाजपा का कांग्रेस पर हमला
भाजपा राजस्थान ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे कांग्रेस की डर्टी ट्रिक्स बताया है। भाजपा के अनुसार, कांग्रेस के एक नेता ने एक प्रतिष्ठित मीडिया चैनल के नाम का इस्तेमाल कर यह झूठ फैलाया था। उस मीडिया संस्थान ने अब इस 'फेक न्यूज़' फैलाने वाले के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी है।

महिला आरक्षण बिल के पास ना होने पर दुख जताया

इसी तरह एक अन्य पोस्ट में वसुंधरा राजे ने संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के पारित न होने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे करोड़ों महिलाओं के सपनों पर आघात बताया। साथ ही राजे ने विपक्ष (कांग्रेस, टीएमसी, सपा, डीएमके) को 'महिला विरोधी' करार देने के साथ ही पीएम मोदी की तारीफ की है।

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