फूड पॉइजनिंग एक आम समस्या है, जो किसी दूषित या संक्रमित चीज के संपर्क में आने से हो सकती है। कई बार यह कीटाणु खाने के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं तो कई बार दूषित हाथ के मुंह के संपर्क में आने से बीमार बना सकते हैं। फूड पॉइजनिंग करने वाले कीटाणु प्रमुख रूप से 10 तरह के होते हैं और इनके लक्षण अलग-अलग होते हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।
डॉक्टर होने के नाते मेरे पास मरीज डायरिया, सिरदर्द, उल्टी, पेट दर्द और बुखार की शिकायत लेकर आते रहते हैं। इनके पीछे की वजह अक्सर फूड पॉइजनिंग होती है। अधिकतर मामलों में यह साल्मोनेला, ई. कोलाई, लिस्टेरिया और नोरोवायरस जैसे कीटाणुओं के कारण होती है। जब डाइट में शामिल फूड या ड्रिंक इनमें से किसी कीटाणु से दूषित हो जाते हैं, तो उसे खाने के बाद यह बीमारी होती है। यह जानना बेहद जरूरी है कि फूड पॉजनिंग प्रमुख रूप से 10 कीटाणुओं की वजह से होती है और हर किसी में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।
फूड पॉइजनिंग के कारण और उनके लक्षण
कुछ कीटाणु शरीर में जाने के तुरंत बाद लक्षण दिखाना शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ कीटाणु के संकेत दिखने में 1-2 दिन लग सकते हैं।
साल्मोनेला
साल्मोनेला फूड पॉइजनिंग के लक्षण (सांकेतिक तस्वीर)
साल्मोनेला जर्म से होने वाली फूड पॉइजनिंग के अंदर दस्त, ब्लीडिंग के साथ डायरिया, बुखार, उल्टी और पेट दर्द हो सकता है। यह लक्षण संक्रमित होने के 6 घंटे से 6 दिन के भीतर दिख सकते हैं। अक्सर कच्चा या अधपका चिकन-मीट, अनपैस्चुराइज्ड मिल्क और जूस, कच्चे फल-सब्जी खाना इसके मीडियम बन सकते हैं।
ई. कोलाई
ई. कोलाई इंफेक्शन की वजह से तेज पेट दर्द, पेट में क्रैम्प, डायरिया, खूनी दस्त, उल्टी हो सकती है। इसके लक्षण कीटाणु के संपर्क में आने के 3 दिन से 4 दिन के अंदर दिखना शुरू हो सकते हैं। यह इंफेक्शन गंभीर होने पर हेमोलाइटिक यूरेमिक सिंड्रोम नाम की खतरनाक बीमारी कर सकता है। कच्चा या अधपका मांस, कच्ची पत्ता गोभी जैसी सब्जी, कच्चे स्प्राउट्स, संक्रमित पानी और कच्चा दूध पीने से यह बीमारी हो सकती है।
लिस्टेरिया
लिस्टेरिया कीटाणु से दूषित चीजें सेवन करने पर बुखार, फ्लू, बदन दर्द, थकावट, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, शारीरिक संतुलन खोना और दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इसके लक्षण 2 हफ्तों में शुरू हो सकते हैं। गर्भावस्था में यह इंफेक्शन मिसकैरिज, स्टिलबर्थ जैसी कंडीशन का खतरा बढ़ाता है। कच्चा दूध, स्मोक्ड फिश, कच्चे स्प्राउट्स, खरबूजा, सॉफ्ट चीज खाने से इसके मामले देखे जाते हैं।
नोरोवायरस
नोरोवायरस से होने वाली फूड पॉइजनिंग के बाद मरीज में दस्त, पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द आदि हो सकता है। इसके लक्षण 12 से 48 घंटे में दिखने शुरू हो सकते हैं। अक्सर हरी पत्तेदार सब्जी, ताजे फल, कच्चे ऑयस्टर, दूषित पानी, इस कीटाणु से संक्रमित व्यक्ति या सतहों के जरिए यह शिकार बनाता है।
स्टैफिलोकोकस ऑरियस
स्टैफिलोकोकस ऑरियस के कारण पेट में मरोड़, दस्त, जी मिचालना और उल्टी के संकेत मिल सकते हैं। यह लक्षण 30 मिनट से लेकर 8 घंटे के अंदर दिखना शुरू हो जाते हैं। यह उन फूड आइटम के जरिए फैलता है, जो बनने के बाद कई हाथों से गुजरते हुए आपके पास आते हैं, जैसे सैंडविच, पेस्ट्री, पुडिंग आदि।
विब्रियो
विब्रियो जर्म से दूषित खाने के बाद पतले दस्त, उल्टी, बुखार, ठंड लगना, पेट में मरोड़ आदि लक्षण दिखना आम है। यह 24 घंटे के भीतर दिखना शुरू हो जाते हैं। कच्चे या अधपके शैलफिश या ऑयस्टर जैसी चीजों के जरिए यह इंफेक्शन शिकार बनाता है।
क्लोस्ट्रीडियम परफ्रिंजेंस
क्लोस्ट्रीडियम परफ्रिंजेंस की फूड पॉइजनिंग से डायरिया होता है। इसके कारण होने वाली मरोड़ 24 घंटे से कम समय तक रहती है। इसके लक्षण 6 घंटे से लेकर 24 घंटे के भीतर दिख सकते हैं। मीट, चिकन, अंडा और ज्यादा मात्रा में पके खाने के जरिए यह बीमारी फैलती है।
क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम
क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम के लक्षण (सांकेतिक तस्वीर)
क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम के कारण होने वाली फूड पॉइजनिंग काफी गंभीर लक्षण दिखाती है। इसमें खाना निगलने में परेशानी, कमजोरी, धुंधली नजर, पलकें भारी होना, साफ ना बोल पाना, आंख हिलाने में परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण संक्रमित होने के 18 घंटे से 36 घंटे के अंदर दिख सकते हैं। यह संकेत सिर से शुरू होते हैं और बीमारी गंभीर होने पर नीचे वाले अंगों को शिकार बनाते रहते हैं। ढंग से स्टोर ना किए हुए कैन्ड फूड, फर्मेंटेड फूड, होममेड ऐल्कोहॉल के जरिए यह बीमारी हो सकती है।
कैम्पिलोबैक्टर
कैम्पिलोबैक्टर की वजह से डायरिया, बुखार, पेट में मरोड़ हो सकती है। यह समस्याएं संक्रमित होने के 2 दिन से 5 दिन के भीतर दिख सकती हैं। कच्चा या अधपका पॉल्ट्री, कच्चा दूध, दूषित पानी या पालतू जानवरों के जरिए यह कीटाणु शिकार बनाता है।
साइक्लोस्पोरा
साइक्लोस्पोरा से होने वाली फूड पॉइजनिंग में पतले दस्त, भूख ना लगना, वजन घटना, मरोड़, पेट फूलना, पेट में गैस बनना, थकान जैसी समस्याएं हो सकती है, जो संक्रमित होने के 1 हफ्ते के अंदर परेशान करने लगती हैं। यह इंफेक्शन कच्चे फल, कच्ची सब्जियां या हर्ब्स की वजह से होता है।
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Written by
नवल सिंह
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