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Abhyuday Bharat News / Sat, Apr 11, 2026 / Post views : 42

रामानंद सागर के टीवी सीरियल 'रामायण' में कई ऐसे कलाकार रहे, जिन्होंने दिए किरदारों में जान फूंक दी और खुद भी उन्हीं नामों से पहचाने जाने लगे। पर अफसोस इस बात का है कि उन कलाकारों में से कुछ ही आगे चलकर काम पा सके और बहुत से टाइपकास्ट हो गए। वहीं, कुछ ऐसे कलाकार भी रहे, जो सफलता मिलते ही इस दुनिया से चल बसे। ऐसे ही एक कलाकार रहे नलिन दवे, जिन्होंने रामानंद सागर की 'रामायण' में कुंभकर्ण का किरदार निभाया था। उन्होंने इस किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि जब लॉकडाउन में 'रामायण' को री-टेलिकास्ट किया गया था, तो कुंभकर्ण का वध देख दर्शक रो पड़े थे। उसकी कही कई बातें लोगों को दिलों को छू गई थीं। यह नलिन दवे की एक्टिंग और रामानंद सागर की परख का ही नतीजा था कि वैसा कुंभकर्ण फिर कोई और नहीं बन सका। नलिन दवे आज इस दुनिया में नहीं। उनकी 50 साल की उम्र में मौत हो गई थी। यहां आपको नलिन दवे के बारे में बता रहे हैं। साथ ही जानिए कि रामानंद सागर ने उनके किरदार कुंभकर्ण का वध वाला सीन किस जुगाड़ से शूट किया था।
'रामायण' में कुंभकर्ण का किरदार नलिन दवे ने निभाया था, जो गुजराती सिनेमा के एक्टर थे। थिएटर की दुनिया में भी उनका काफी दबदबा था। उन्होंने Bhadar Tara Vehata Paani, 'सती नाग कन्या' और 'हमारी जंग' जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि, 50 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। बताया जाता है कि नलिन देव 'रामायण' सीरियल के प्रसारित होने के दो-तीन साल बाद ही गुजर गए थे। 'रामायण' साल 1987 में दूरदर्शन पर पहली बार प्रसारित किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नलिन दवे का निधन 19 जून 1990 को हो गया था।
नलिन दवे ने अपने करियर में खूब थिएटर किया और दर्जनों गुजराती फिल्में कीं, पर जो ख्याति उन्हें 'कुंभकर्ण' बनकर मिली थी, वैसी अन्य किसी प्रोजेक्ट से नहीं मिल पाई। उन्हें उनके भारी डील-डौल वाले शरीर और दमदार आवाज के कारण कुंभकर्ण का किरदार मिला था, और के मंझे हुए कलाकार तो वो थे ही।
लॉकडाउन में जब कुंभकर्ण के नींद से जागने वाला एपिसोड टीवी पर टेलिकास्ट किया गया था, तो यह X पर भी छा गया था। बेशक, कुंभकर्ण कई लोगों का खाना एक साथ खा जाता था, पर उसमें खूब बुद्धि और बल था, जिसकी बानगी देख दर्शक भी हैरान थे। रावण ने जब देवी सीता का हरण किया था तो कुंभकर्ण ने उसे धर्मनीति याद दिलाई, पूर्वजों के दिए श्राप को याद दिलाया, पर रावण नहीं माना। फिर कुंभकर्ण, विभीषण से यह बोलकर युद्ध के लिए तैयार हो गया कि भाई, भाई की भुजा होता है। सोशल मीडिया पर लोग कुंभकर्ण के मुरीद हो गए थे और कहने लगे थे कि उन्हें भी कुंभकर्ण जैसा भाई चाहिए। यही वजह रही कि जब कुंभकर्ण का वध दिखाया गया तो देश की जनता रोने लगी थी।
जानते हैं रामानंद सागर ने कुंभकर्ण का वध कैसे शूट किया था?किन चीजों को इस्तेमाल किया था और क्या जुगाड़ लगाया था? लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने साल 2020 में फैंस को एक वीडियो में बताया था। सुनील लहरी ने बताया था, 'रामजी और कुंभकर्ण का युद्ध होता है। जब रामजी तीर चलाते हैं तो कुंभकर्ण के शरीर का एक-एक अंग कटकर गिर जाता है। हाथ अलग गिरते हैं। धड़ अलग गिरता है। गर्दन अलग गिरती है। ये सारे इफेक्ट क्रोमा पर किए गए थे। क्रोमा उस समय बहुत खूबसूरत चीज थी। अगर आप मेरे शरीर पर बीच-बीच में ब्लू कलर की या फिर ग्रीन कलर की पट्टी लगा दें, तो मेरा शरीर भी आपको हिस्सों में कटा हुआ दिखेगा। तो उस समय इस तरह का इफेक्ट क्रिएट किया गया था।'
सुनील लहरी ने आगे बताया था कि कुंभकर्ण के हाथ प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाए गए थे और शरीर के हिस्से अलग-अलग दिखाने के लिए सिर का पूरा एख मोल्ड बनाया गया था। जब हाथों को काटकर गिरने का शॉट दिखाया गया, तो असल में वो प्लास्टर ऑफ पेरिस वाले हाथ कटकर गिरे थे। इसी तरह धड़ का एक अलग मोल्ड बनाया गया था, और जब धड़ कटकर गिरता है तो वह असल में मोल्ड गिरता है, जो प्लास्टर ऑफ पेरिस का बना था। वहीं जब सिर काटने वाला सीन शूट किया गया, तो उसके लिए पहले पानी का टैंक बनाया गया था। उसमें अंदर क्रोमा का इफेक्ट दिया गया। उसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाए मोल्ड वाले सिर को मुकुट पहनाकर गिराया गया।
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