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ABN NEWS :- देश दुनिया : 'यह फैसला सिर्फ भारत कर सकता है,' इस्लामाबाद वार्ता फेल तो अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान, क्या नई दिल्ली की होगी एंट्री?

Abhyuday Bharat News / Wed, Apr 15, 2026 / Post views : 35

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इस्लामाबाद शांति वार्ता के फेल होने के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पश्चिम एसिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के भारत की भूमिका का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, अगर भारत इस पहल में शामिल होता है, तो उसका स्वागत है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला भारत को खुद करना होगा कि वह क्या करना चाहता है।

नई दिल्ली: इस्लामाबाद शांति वार्ता विफल होने के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ऐसे में अमेरिका-इजरायल और ईरान में समझौता कराने के लिए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संघर्ष को खत्म करने में मदद की कोश‍िश करने वाले देशों का स्वागत किया है, साथ ही कि अगर इस पहल में भारत भी शाम‍िल होता है, तो उसका भी स्‍वागत है।

मंगलवार को एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर कोई भेदभाव नहीं कर रहे हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म करने में कौन मदद कर सकता है।

भारत की भागीदारी का स्वागत: सर्जियो गोर

  • सर्जियो गोर ने कहा, जैसे हम कई दूसरे देशों की भागीदारी का स्वागत कर रहे हैं, वैसे ही भारत का भी करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला भारत को खुद करना होगा कि वह क्या करना चाहता है। उन्होंने कहा, यह सवाल भारत के लिए है। लेकिन मेरा मानना है कि पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा सकती है, और इसमें भारत भी शामिल है।


  • सर्जियो गोर ने इंटरव्यू के दौरान संकेत दिया कि दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले जल्द सामने आ सकते हैं। अगले कुछ दिनों में कुछ खबरें आ सकती हैं, लेकिन अभी मैं ज्यादा नहीं बता सकता।


  • इस बीच, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया की स्थिति और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।

  • मेरे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई जबरदस्त प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

उन्होंने आगे कहा, हमने वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी बात की और इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला और सुरक्षित रहना चाहिए।

भारत कूटनीति और बातचीत पर दे रहा जोर

बता दें भारत लगातार यह कहता रहा है कि इस संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति जरूरी है। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत भी किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी।

नई दिल्ली का मानना है कि इस संघर्ष से लोगों को काफी नुकसान हुआ है और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और व्यापार भी प्रभावित हुआ है। भारत यह भी चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना किसी रुकावट के व्यापार और जहाजों की आवाजाही जारी रहे।

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# International News

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