Sun, 19 Apr 2026
Logo

ब्रेकिंग

श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्वामित्व विवाद: मुस्लिम पक्ष को इलाहाबाद HC से झटका, मुकदमों की पोषणीयता पर आपत्ति खारिज

बांग्लादेश में भारत के नए राजदूत हो सकते हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी बंगाल चुनाव के बीच केंद्र का बड़ा दांव

पहली बार श्रीलंका पहुंचे भारत के उपराष्ट्रपति, पीएम हरिणी अमरासुरिया से की मुलाकात

मुंबई की सड़कों पर भारी सूटकेस उठाए दिखे 'आशिकी' स्टार राहुल रॉय, हाल देख फैंस दुखी, फूटा गुस्सा

नोएडा के बाद हापुड़ पहुंचा कर्मचारियों का आंदोलन, ब्लिंकिट कंपनी के कर्मचारियों का प्रदर्शन, गेट किया गया बंद

जनजातीय भाषाओं के संरक्षण व बहुभाषी शिक्षा पर जोर, राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल समापन

‘सेक्स स्कैंडल’ का नया मोड़’ पुलिस कस्टडी में आरोपी ने मनाया बर्थडे, खाकी वर्दी वालों ने खिलाया केक...

नैनीताल घूमने आए यूपी के विधायक पुत्र को हूटर बजाना पड़ गया महंगा, SDM से बहस के बाद कार सीज, कटा चालान

क्या नीतीश को अब मिलेगा जीविका दीदियों का साथ? बिहार में जमीनी रणनीति पर मंथन कर रही JDU

OMG! टॉयलेट सीट पर महिला के साथ दर्दनाक हादसा, हुआ कुछ ऐसा कि दिमाग से निकल गए 10 साल

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : अब नहीं होगी तेल, LPG और फर्टिलाइजर की कोई कमी, होर्मुज से भारत आने को तैयार हैं 41 जहाज

Abhyuday Bharat News / Sat, Apr 18, 2026 / Post views : 12

Share:

करीब 45 दिन बाद होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह जहाजों के लिए खोल दिया गया है। इससे भारत को काफी राहत मिली है। भारत का ज्यादातर तेल और गैस इसी रास्ते आती है। साथ ही पश्चिम एशिया से मांग बढ़ने की उम्मीद है और यूरोप के लिए भी रूट शॉर्ट हो जाएगा।

नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने से भारतीय तेल कंपनियों के साथ-साथ आयातकों और निर्यातकों के चेहरे खिल गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था और उसी दिन ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इससे हाहाकार मच गया था क्योंकि दुनिया का 20 फीसदी तेल और करीब एक तिहाई गैस इसी रास्ते से गुजरती है। लेकिन इसके खुलने से अब दुनिया ने राहत की सांस ली है। भारत आ रहे 41 जहाज अब होर्मुज स्ट्रेट को पार करने को तैयार हैं।

  • टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन जहाजों में कच्चा तेल, एलपीजी, फर्टिलाइजर और एलएनजी भरा है। इन जहाजों में 26 विदेशी और 15 भारतीय हैं। इनमें से एक दर्जन से अधिक जहाजों में फर्टिलाइजर भरा है जो कि भारत के लिए बहुत जरूरी है। देश में खरीफ की बुवाई अगले कुछ महीनों में शुरू होने वाली है। भारतीय जहाजों में 10 में कच्चा तेल, चार में एलपीजी और तीन में एलएनजी है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमत में भी भारी गिरावट आई है।

कच्चे तेल में भारी गिरावट

शुक्रवार कोब्रेंट क्रूड9 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 90.38 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 11.5 फीसदी गिरावट के साथ 87.9 डॉलर तक आ गया था। अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 11.45 फीसदी गिरावट के साथ 83.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 80 डॉलर तक गिर गया था। पिछले 9 कारोबारी दिनों में इसमें 30 फीसदी से अधिक गिरावट आई है।

जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से फ्रेट रेट्स में भी कमी आएगी। इससे सभी सेक्टर्स को फायदा होगा। निर्यातकों को उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट में जल्दी ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। अमृतसर की कंपनी डीआरआरके फूड्स के एमडी अमित मारवाह ने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया से डिमांड बढ़ेगी। उनकी कंपनी का 18,000 टन बासमती चावल भारतीय बंदरगाहों पर फंसा हुआ है जो अब आगे बढ़ सकता है।

होर्मुज के पार जहाजों का इंतजार


  • होर्मुज स्ट्रेट के पार 41 जहाज कर रहे हैं भारत आने का इंतजार

  • इनमें से कुल 15 जहाज भारतीय हैं जबकि 26 जहाज विदेशी हैं

  • इनमें से एक दर्जन से अधिक जहाजों में फर्टिलाइजर भरा हुआ है

  • भारतीय जहाजों में 10 में क्रूड, 4 में एलपीजी और तीन में LNG है

क्या होगा फायदा?

मारवाह ने कहा, 'हम पश्चिम एशिया से बल्क डिमांड की उम्मीद कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से फ्रेट रेट में कमी आने की उम्मीद है।' कंपनी जेद्दा पोर्ट तक सामान पहुंचाने के लिए हर कंटेनर पर 700 डॉलर दे रही थी लेकिन ईरान युद्ध के कारण यह चार से पांच गुना तक बढ़ गया था। निर्यातकों के संगठन फियो के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा, 'हम न केवल पश्चिम एशिया को सामान भेज पाएंगे, बल्कि यूरोप सामान भेजने के लिए भी रूट शॉर्ट हो जाएगा।'

होर्मुज स्ट्रेट खुलने से हम न केवल पश्चिम एशिया को सामान भेज पाएंगे, बल्कि यूरोप सामान भेजने के लिए भी रूट शॉर्ट हो जाएगा

अजय सहाय, निर्यातकों के संगठन फियो के डायरेक्टर जनरल

अधिकारियों का कहना है कि करीब दो दर्जन जहाज मिडिल ईस्ट जाने के लिए भारतीय बंदरगाहों पर खड़े हैं। एक सरकारी बंदरगाह के अधिकारी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी जब ज्यादा जहाज होर्मुज से गुजरेंगे। जहाजों को होर्मुज के पश्चिम से भारत पहुंचने में चार से छह दिन लगते हैं। होर्मुज के खुलने से बड़ी राहत मिलेगी। इससे खासकर एनर्जी सप्लाई पर दबाव कम होगा।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts