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Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 13, 2026 / Post views : 49
रिटायर्ड राजपत्रित पुलिस अधिकारी संघ के सचिव गिरीश सूबेदार के अनुसार, घटना दो दिन पहले की है जब पूर्व डीएसपी चौहान अपनी पत्नी के साथ पन्ना से ग्वालियर जा रहे थे। रास्ते में मदला थाने के पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकी। विवाद महज सीट बेल्ट न पहनने को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन बात इतनी बढ़ी कि पुलिस ने बुजुर्ग दंपति को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया और दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक उन्हें थाने में बिठाकर रखा गया।
मामला गर्म होते देखपन्ना की पुलिसअधीक्षक निवेदिता नायडू ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन पुलिस के पास इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग है। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बॉडी-वियर कैमरे में सब कुछ कैद है और जनता वीडियो देखकर खुद आकलन कर सकती है कि गलती किसकी थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी जिन्होंने अपनी पूरी उम्र विभाग को दी, उनके और उनकी पत्नी के साथ महज एक ट्रैफिक विवाद में ऐसा सलूक निंदनीय है। हम इस अपमान के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।
गिरीश सूबेदार, सचिव, सेवानिवृत्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी संघ
पूर्व अधिकारियों का कहना है कि एक 82 साल के बुजुर्ग और उनकी पत्नी पर आर्म्स एक्ट जैसी धाराएं लगाना पुलिस की अति को दर्शाता है। क्या एक पूर्व राजपत्रित अधिकारी के साथ सड़क पर ऐसा व्यवहार किया जाना चाहिए? इसी सवाल को लेकर सोमवार को प्रदेशभर के लगभग तीन दर्जन सेवानिवृत्त अधिकारी इंदौर में ज्ञापन सौंपकर DGP से पन्ना पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
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