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जब मुहूर्त भी हो जाए फेल, तब मंदिर में माता खुद तय कर देती हैं शादी का समय, उल्टा स्वास्तिक करता है मनोकामना पूरी…

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धर्म : जब मुहूर्त भी हो जाए फेल, तब मंदिर में माता खुद तय कर देती हैं शादी का समय, उल्टा स्वास्तिक करता है मनोकामना पूरी…

Abhyuday Bharat News / Mon, Jul 6, 2026 / Post views : 3

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Dharm Desk: भारत में आस्था और रहस्यों का संगम हमेशा लोगों को आकर्षित करता रहा है। लेकिन मध्य प्रदेश के राजगढ़ स्थित जालपा माता मंदिर की मान्यता सबसे अलग और चौंकाने वाली है। यहां ऐसी मान्यता है कि जिन युवक युवती की शादी में बार-बार मुहूर्त की बाधा आती है, उनकी शादी यहां बिना मुहूर्त के भी संपन्न हो जाती है। यही कारण है कि यह मंदिर विवाह से जुड़ी परेशानियों का समाधान मानकर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। जालपा माता को शक्ति का प्रतीक माना जाता है और भक्त उनकी कृपा पाने के लिए दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। आस्था, रहस्य और चमत्कार का यह संगम ही इस मंदिर को खास बनाता है।

मंदिर की विशेषता

राजगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर लगभग 1100 साल पुराना बताया जाता है। सालभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां रोजाना लाखों लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

विवाह की अनोखी परंपरा

इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि जिन युवाओं की शादी तय नहीं हो पाती, उनके लिए यहां लग्न पत्रिका लिखी जाती है । इसके बाद परिवार वाले इस पत्रिका को लेकर विहवा संपन्न कराते हैं। शादी के बाद नव विवाहित जोड़ा मंदिर आकर माता का आशीर्वाद लेता है, और पत्रिका वापस अर्पित करता है।

उल्टा स्वास्तिक की मान्यता

यहां एक और अनोखी परंपरा है। श्रद्धालु पहले उल्टा स्वास्तिक बनाकर अपनी मन्नत मांगते है, जब मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे दोराबा मंदिर आकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।

मंदिर से जुड़ी एक और रोचक मान्यता इसके निर्माण को लेकर है । कहा जाता है कि भील राजाओं के समय से यहां माता विराजमान हैं, लेकिन माता ने कभी स्थायी छत स्वीकार नहीं की। बाद में मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, जो आज भी लगातार जारी है—भले ही रोज एक ईंट ही क्यों न लगे।

देशभर में जालपा देवी के प्रमुख मंदिर

1.राजगढ़ (मध्य प्रदेश) – विवाह मान्यता के लिए प्रसिद्ध।
2.कटनी (मध्य प्रदेश) – शहर के बीच स्थित प्रमुख मंदिर।
3.मंडी (हिमाचल प्रदेश) – पहाड़ियों में स्थित दिव्य स्थल।
4.अयोध्या – भगवान राम की कुलदेवी को समर्पित मंदिर।

Tags :

#धर्म

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