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Abhyuday Bharat News / Wed, Jul 1, 2026 / Post views : 2
शहडोल। सोशल मीडिया पर करीब 60 लाख (6 मिलियन) फॉलोअर्स रखने वाले शहडोल के मशहूर पूर्व ट्रैफिक हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पुलिस विभाग से निलंबन और उसके बाद अपने इस्तीफे के बावजूद, सड़क सुरक्षा के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है। अब वे बिना वर्दी के स्वतंत्र रूप से ट्रैफिक जागरूकता वीडियो बना रहे हैं।
विवेकानंद तिवारी का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने महज एक मिनट में यातायात नियमों की अनदेखी की 20 से ज्यादा गंभीर लापरवाहियां दिखाईं। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बिना हेलमेट सफर, तीन सवारी और नाबालिग द्वारा बाइक चलाने जैसी तस्वीरों को कैमरे में कैद कर उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की ओर इशारा किया। यातायात विभाग की खामियों को भी आईना दिखा रहे हैं। उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हाल ही में विवेकानंद तिवारी ने शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र स्थित लोहिया चौक से एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने महज एक मिनट के अंदर यातायात नियमों की अनदेखी की 20 बड़ी गलतियां गिना दीं। अपने वीडियो में उन्होंने दिखाया कि लोग किस कदर अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बुढार थाना क्षेत्र के लोहिया चौक में बनाए गए इस वीडियो में विवेकानंद तिवारी ने सड़क पर चल रहे वाहनों और लोगों की लापरवाही को कैमरे में कैद किया। वीडियो में एक बाइक चालक मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाता दिखाई देता है। वहीं कई लोग रॉन्ग साइड से गुजरते नजर आते हैं। एक बाइक पर तीन सवारी बैठी दिखाई देती हैं।
जबकि एक नाबालिग तेज रफ्तार से बाइक चलाता नजर आता है। इसके अलावा कई दोपहिया चालक बिना हेलमेट के वाहन चलाते दिखे। इन सभी उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने कहा कि यही सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह है और इसे उन्होंने भारत की असली ट्रैफिक तस्वीर बताया।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने विवेकानंद तिवारी को लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया था। विभागीय जांच में यह भी सामने आया था कि अनुपस्थिति के दौरान वह सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और रील्स साझा कर रहे थे। पुलिस रेग्यूलेशन-64 के तहत इसे सेवा की सामान्य शर्तों के उल्लंघन की श्रेणी में माना गया था।
निलंबन के बाद विवेकानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई देते हुए मेडिकल दस्तावेज, डॉक्टर की पर्चियां और उपचार संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए थे। उनका कहना था कि उन्होंने 19 मई 2026 को अपनी खराब तबीयत की सूचना मोबाइल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी थी और मेडिकल पर्ची भी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की थी। बाद में उन्होंने यह कहते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया कि निलंबन से उनकी छवि प्रभावित हुई है।
अब विभाग से अलग होने के बावजूद विवेकानंद तिवारी पहले से अधिक सक्रिय होकर सड़क सुरक्षा अभियान चला रहे हैं। वह लोगों को हेलमेट वितरित करने के साथ-साथ वीडियो के माध्यम से यातायात व्यवस्था की कमियां भी उजागर कर रहे हैं। उनका यह नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और सड़क सुरक्षा को लेकर एक नई बहस भी छेड़ रहा है।
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