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ABN NEWS :- देश दुनिया : जरूरत पड़ी तो भारत से जंग करेंगे…गहराते जल संकट से परेशान पाकिस्तान ने दी गीदड़भभकी

Abhyuday Bharat News / Sun, Jun 21, 2026 / Post views : 2

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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पाकिस्तान की जल सुरक्षा को गंभीर खतरा महसूस हुआ तो इस्लामाबाद सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पानी अब केवल संसाधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है। उनके मुताबिक, यदि भारत जल प्रवाह रोकने या उसमें बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता दिखाई देता है, तो पाकिस्तान युद्ध जैसे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

सिंधु जल संधि पर बढ़ा विवाद

दोनों देशों के बीच तनाव की बड़ी वजह 1960 की Indus Waters Treaty है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। नई दिल्ली का कहना है कि यह कदम तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन और वित्तपोषण देना बंद नहीं करता।

हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil का एक बयान भी चर्चा में रहा, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वर्ष 2028 तक पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु नदी तंत्र के पानी को पूरी तरह रोकने की क्षमता विकसित की जा सकती है। इसी बयान के बाद पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

भारत पर लगाए गंभीर आरोप

ख्वाजा आसिफ ने भारत पर पानी को “रणनीतिक हथियार” की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत चिनाब नदी के प्रवाह में बदलाव कर रहा है और आवश्यक हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझा नहीं कर रहा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक वर्ष में हुए विकासक्रमों की पूरी जानकारी उनके पास नहीं है।

पाकिस्तान में गहराया जल संकट

यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में लाखों लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार कई प्रमुख नहरों में पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

सिंध के अधिकारियों ने पंजाब पर तय हिस्से से अधिक पानी लेने का आरोप लगाया है। घटते जल प्रवाह और बढ़ते विवादों के बीच स्थानीय नेताओं ने कृषि, अर्थव्यवस्था और आजीविका पर गंभीर संकट की आशंका जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल प्रबंधन और अंतर-प्रांतीय विवादों का समाधान नहीं हुआ, तो पाकिस्तान का जल संकट आने वाले वर्षों में और गंभीर रूप ले सकता है।

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# International News

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