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Abhyuday Bharat News / Thu, May 21, 2026 / Post views : 55
कैराना सांसद इकरा हसन ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कहा कि वैसे भी कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ता है। एक दिन, ईद वाले दिन लोग पढ़ लेते हैं। जिस तरीके से तानाशाही हम देख रहे हैं, तो वैसे भी कोई नहीं पढ़ता है। इकरा ने कहा कि इन सब बातों से समाज में जहर फैलाना चाहते हैं, वह अब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।
समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार सांसद इकरा हसन ने इससे पहले सीएम योगी के बयान पर बड़ा हमला बोला। इकरा हसन ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब देश की सड़कों पर दूसरे समुदायों के त्योहार बिना किसी रोक-टोक के मनाए जाते हैं। उन पर कोई आपत्ति नहीं है तो महज दो मिनट के लिए पढ़ी जाने वाली नमाज से किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? सड़क पर होने वाली नमाज को भी इसी रूप में देखे जाने की बात कही।
सीएम योगी के बयान पर हमलावर रुख अपनाते हुए इकरा हसन ने कहा कि सरकार की नीति एकतरफा और भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। संविधान के तहत किसी भी चुनी हुई सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी विशेष समुदाय को इस तरह से टार्गेट करे। उन्होंने आगे कहा कि देश की सड़कें किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सांझी संपत्ति हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पढ़े जाने के मामले में बड़ा बयान दिया है। लखनऊ के एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने दो-टूक लहजे में कहा था कि सड़कें आम जनता और वाहनों के आने-जाने के लिए बनाई गई हैं, न कि धार्मिक आयोजनों के लिए। नमाज पढ़नी है तो तय स्थानों पर ही पढ़ी जाएंगी। अगर संख्या अधिक है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ें, लेकिन किसी भी कीमत पर सड़क पर नहीं नमाज नहीं होंगी। अगर इस प्रकार का मामला आता है तो फिर कार्रवाई होगी।
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#uttarpradesh
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