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Business : क्या फिर से चमकेगा सोना? ₹1.94 लाख से गिरकर ₹1.51 लाख पर आया भाव, जानें अब क्या करें

Abhyuday Bharat News / Sat, May 2, 2026 / Post views : 71

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सोने की कीमत में इस समय बड़ा उतार-चढ़ाव बना हुआ है। फिलहाल यह अपने ऑल टाइम हाई से करीब 22 फीसदी नीचे है। ऐसे में निवेशकों के बीच चिंता है कि इस पीली धातु के भाव में कब तेजी आएगी।

सोने को लेकर एक कहावत है- दुनिया में जब भी कहीं युद्ध होता है, इस पीली धातु की चमक और बढ़ जाती है। लेकिन मौजूद पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) युद्ध के दौरान यह कहावत 'झूठ' साबित हो गई। इस युद्ध के दौरान सोना की चमक फीकी रही और निवेशक चिंता में रहे। जिन निवेशकों ने पिछले साल के आखिरी में या इस साल के शुरुआत में सोना खरीदा था, वे पछता रहे हैं। क्योंकि तब के मुकाबले सोने की कीमत काफी गिर गई है। ऐसे में उनके जहन में एक सवाल है कि सोने की कीमत क्या आने वाले समय में बढ़ेगी या नहीं?

क्या है सोने की कीमत?

क्या है सोने की कीमत?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाले सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,51,363 रुपये है। एक महीने पहले सोना का दाम 1,50,761 था। यानी इस एक महीने में सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम मात्र 602 रुपये की तेजी आई है, जो आधा फीसदी भी नहीं है। वहीं इस साल जनवरी के आखिर में सोना अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। उस समय सोने की कीमत 1.94 लाख रुपये पर थी। ऐसे में यह अपने पीक से 22% नीचे है। कुल मिलाकर निवेशकों को अब सोने में फायदा नहीं मिल रहा है।

क्यों आ रही कीमत में कमी?

क्यों आ रही कीमत में कमी?

युद्ध में जहां निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने के पीछे भागते हैं तो वहीं इस बार धारा उलटी बहती दिखाई दे रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके 3 प्रमुख कारण हैं:

  1. अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है। इसने सोने की चमक कम कर दी है।

  2. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका।

  3. साल 2025 में सोने ने करीब 70% रिटर्न दिया था। इसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की है।

अब क्यों नहीं आई तेजी?

अब क्यों नहीं आई तेजी?

  • पिछले साल की जबरदस्त तेजी के बाद बाजार में 'ओवर-लीवरेज्ड' पोजिशन (कर्ज लेकर किए गए निवेश) कम हुई हैं। जब महंगाई के कारण वित्तीय स्थिति सख्त होती है और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद होती है तो सोने का प्रदर्शन अक्सर कमजोर हो जाता है क्योंकि बाजार में नकदी (Liquidity) कम हो जाती है।

  • अल्पकालिक दबाव के बावजूद, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार सोना खरीद रहे हैं। यह लंबी अवधि में सोने की कीमतों को गिरने से रोकने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।

  • कब बढ़ेगा सोने का भाव?

    कब बढ़ेगा सोने का भाव?

    सोने का भविष्य महंगाई और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक अगर महंगाई ऊंची रही और ब्याज दरें बढ़ीं, तो अल्पकालिक रूप से सोना नकारात्मक रह सकता है। चूंकि फेड रिजर्व में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है तो ऐसे में सोने की कीमत में तेजी कम देखने को मिलेगी। वहीं जैसे ही भू-राजनीतिक हालात स्थिर होंगे और डॉलर की मजबूती कम होगी, सोना फिर से मजबूती दिखा सकता है।

  • क्या करें निवेशक?

    क्या करें निवेशक?

    ऐसे में बड़ा सवाल है कि निवेशक अब क्या करें? एक्सपर्ट के मुताबिक जो लोग सोना खरीदना चाहते हैं, वे खरीद सकते हैं। हालांकि इसमें बहुत ज्यादा निवेश से बचें। वहीं वे निवेशक जो सोने की कीमत बढ़ने और बेचने का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें कुछ इंतजार और करना पड़ सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक निकट भविष्य में सोना एक सीमित दायरे में ही रहेगा। हालांकि, मध्यम अवधि (6 से 12 महीने) के लिए नजरिया सकारात्मक है। जैसे ही वैश्विक स्थितियां सामान्य होंगी, निवेशकों को सोने से अच्छे रिटर्न की उम्मीद करनी चाहिए।

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