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ABN NEWS :- देश दुनिया : भयंकर युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट में आगे बढ़े दो भारतीय LPG टैंकर, 'जग वसंत और पाइन गैस' को भी ईरान की हरी झंडी!

Abhyuday Bharat News / Mon, Mar 23, 2026 / Post views : 125

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ईरान के साथ कूटनीतिक चैनल खोले रखने का भारत को फिर से बड़ा लाभ मिला है। दो भारतीय एलपीजी टैंकरों के होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की जानकारी सामने आई है। ये एलपीजी टैंकर हैं- 'जग वसंत और पाइन गैस'

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भयंकर युद्ध के बीच भारत को एक और बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलती नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार दो और भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की ईरान ने मंजूरी दे दी है।

भारतीय एलपीजी टैंकर 'जग वसंत और पाइन गैस' को भी ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC)से होर्मुज स्ट्रेट पार करने की मंजूरी मिलने की सूचना आ रही है। 24 x के अनुसार इंडियन नेवी के सूत्रों ने बताया है कि ईरान के साथ बैकचैनल कोशिशों की वजह से यह संभव हुआ है।

भारत के पांचवें व्यापारिक जहाज को सफलता

'जग वसंत और पाइन गैस' से पहले दो भारतीय एलपीजी टैंकरों शिवालिक, नंदा देवी और एक कच्चा तेल टैंकर जग लाडकी फारस की खाड़ी के युद्धग्रस्त क्षेत्र पार कर स्वदेश आ चुके हैं। बता दें कि आईआरजीसी ने कुछ खास देशों के व्यापारिक जहाजों ही होर्मुज से गुजरने दिया है, जिनमें भारत सबसे प्रमुख है।

भारत की कूटनीति को एक और सफलता

रिपोर्ट में भारतीय नौ सेना के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भले ही पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, लेकिन बैकचैनल ( भारतीय कूटनीति ) बातचीत कि वजह से ईरान कि ओर से भारत को यह ग्रीन सिग्नल मिला है। वैसे नौ सेना अधिकारियों के मुताबिक इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर इस समय अंदरूनी अनिश्चितताओं और नेतृत्व संकटों से जूझ रहा है, जिसकी वजह से समुद्री आवाजाही को लेकर फैसले की प्रक्रिया में रुकावटें आ रही हैं।

शारजाह के पास थे 'जग वसंत और पाइन गैस'

  • शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार 'जग वसंत और पाइन गैस' दोनों ही भारतीय एलपीजी टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह बंदरगाह के पास फंसे हुए थे।

  • युद्ध शुरू होने से पहले तक होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया का 20% से ज्यादा कच्चा तेल और एलपीजी गुजरता रहा है।

  • युद्ध की वजह से फारस की खाड़ी में हैं। होर्मुज के आसपास से लेकर ओमान कि खाड़ी तक के इलाके में विश्व के सैकड़ों व्यापारिक जहाज फसे हुए हैं।  

  • विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संकट से उबरने और भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिए जाने के लिए लगातार वैश्विक नेताओं के साथ संपर्क में हैं।


होर्मुज से निकल सकते हैं कुछ और जहाज

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध सोमवार (23 मार्च,2026) को 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में माना जा रहा है।
भारत सरकार को भरोसा है कि आने वाले दिनों में इसी तरह से अन्य भारतीय झंडे वाले जहाजों को भी अनुमति मिलेगी।

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# International News

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