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Abhyuday Bharat News / Fri, Jul 10, 2026 / Post views : 3
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की रकम में जो कथित हेराफेरी हुई है, उसकी निष्पक्ष जांच को लेकर वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका डाली है।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने भी इसी मुद्दे पर एक अलग याचिका दी है।
इन जनहित याचिकाओं में दान और चढ़ावे के कथित गबन और हेरफेर के आरोपों की विस्तृत जांच की मांग की गई है।
याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि इस घटना में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और यूपी सरकार ने एक एसआईटी गठित की है, जो अंतरिम रिपोर्ट जमा भी कर चुकी है।
फिर भी याचिकाकार्ताओं की मांग है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से जांच के लिए एक विशेष सीबीआई जांच टीम गठित करना जरूरी है।
याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार और श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को एक मजबूत ऑडिट व्यवस्था बनाने के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सके।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह राज्य सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को हिदायत दे कि जांच पूरी होने तक दान से जुड़े सारे रिकॉर्ड और साक्ष्य सुरक्षित रखे।
इन रिकॉर्ड में बैंक अकाउंट डिटेल, डोनेशन रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और बाकी संबंधित दस्तावेज हैं।
इस बीच गुरुवार को राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि महासचिव पद से इस्तीफे के बाद भी चंपत राय अपसेट नहीं हैं। इनका कहना है कि वे मंदिर के नई प्रबंधन व्यवस्था को पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, 'मैं विशेष रूप से उनके स्वास्थ्य को लेकर कल चंपत रायजी से मिला। वे स्वस्थ हैं, समाधान चाहते हैं और अपने इस्तीफे को लेकर किसी भी तरह से उन्हें गलतफहमी नहीं है।'
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