Sun, 12 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

बंद कमरे में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा: पुलिस ने दबिश देकर 5 पुरुष और 2 महिलाओं को पकड़ा....

‘और गहरी हो गई हैं दरारें’, कई कोच जल्द ही गौतम गंभीर के स्टाफ को छोड़ सकते हैं!

Shekhar Suman के सहयोगी Dharmesh Sangani के ठिकानों पर ईडी का छापा, सबूत मिटाने 13वीं मंजिल से फेंका फोन …

गांवों में अफसर तैयार करेगी योगी सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी, 32 जिलों की 11,350 पंचायतों में होगी सुविधा

महतारी वंदन योजना: 626.25 करोड़ की 29वीं किस्त जारी, CM साय ने कहा- आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है योजना

मैनपाट में बाइकर्स गैंग पर पुलिस का एक्शन: 60 बाइक चालकों को पकड़ा, स्टंट करते वीडियो हुआ था वायरल

चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला पैर, RPF जवान ने बचाई यात्री की जान

‘मंदिर नहीं, बनिया की दुकान…’ महंत धर्मदास बोले- चंपत कंपनी की नीयत ठीक नहीं, गोविंदगिरी पर भी तंज

11 July History: मुंबई ट्रेन ब्लास्ट से लेकर सिरिशा बांदला की अंतरिक्ष उड़ान तक, जानिए प्रमुख घटनाएं

भारत-न्यूजीलैंड में हुए 18 समझौते, 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट

सूचना

ABN NEWS :- देश दुनिया : होर्मुज संकट के बीच एक्शन में एस. जयशंकर, नई दिल्ली में ईरान के विदेश मंत्री अराघची से इन मुद्दों पर बात

Abhyuday Bharat News / Wed, May 13, 2026 / Post views : 118

Share:

मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची भारत दौरे पर आ रहे हैं। खास बात ये है कि इस दौरान उनकी विदेश मंत्री जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान होर्मुज क्राइसिस के साथ ही ऊर्जा और कनेक्टिविटी चर्चा का मुख्य एजेंडा होगा।

नई दिल्ली: ईरान -अमेरिका जंग के बाद से पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में नजर आ रहा। भारत भी इससे अछूता नहीं है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची भारत दौरे पर आ रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर शुक्रवार को ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची की मेजबानी करेंगे। इस दौरान दोनों ही विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इसका मुख्य एजेंडा ऊर्जा और कनेक्टिविटी समेत अहम मुद्दे होंगे।

माना जा रहा जयशंकर और अराघची के बीच मुलाकात में भारत की ऊर्जा समेत कुछ अन्य जरूरी चिंता दूर हो सकती हैं। हालांकि, 28 फरवरी को पश्चिम एशिया क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों मंत्रियों के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है। लेकिन यह उस समय के बाद उनकी पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी।

ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा

अराघची के बुधवार को यहां ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए पहुंचने की उम्मीद है। वहीं जहां तक भारत का सवाल है, उनकी यात्रा का मुख्य आकर्षण जयशंकर के साथ होने वाली द्विपक्षीय बातचीत ही मानी जा रही है। टीओआई ने 10 मई को रिपोर्ट दी थी कि ईरानी विदेश मंत्री का ब्रिक्स बैठक के लिए भारत आना लगभग तय है।

जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता, इन एजेंडों पर बात

ईरान-अमेरिका के बीच टकराव के बीचअराघची का ये भारत दौरा बेहद अहममाना जा रहा। इस संघर्ष से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में ब्रिक्स की, और विशेष रूप से इसके मौजूदा अध्यक्ष भारत की, अधिक सक्रिय भूमिका की मांग करते रहे हैं। इस बैठक में, जयशंकर से उम्मीद की जा रही है कि वे ऊर्जा आपूर्ति में आई रुकावटों (जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे LPG टैंकर भी शामिल हैं) को लेकर भारत की चिंताओं को उठाएंगे।

चाबहार पोर्ट समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा

जयशंकर और अराघची के बीच मुलाकात में चाबहार बंदरगाह से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। खासकर तब जब भारत के संचालन के लिए अमेरिका की ओर से दी गई प्रतिबंधों में छूट की अवधि समाप्त हो चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि भारत इस मुद्दे परईरान और अमेरिका, दोनों के संपर्क में है। यह संघर्ष अभी भी स्थिति को जटिल बनाए हुए है। जयशंकर के बुधवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है।

14-15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक

सरकार ने मंगलवार को यह भी घोषणा की कि जयशंकर 14-15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को लेकर सदस्य देशों के बीच मौजूद मतभेदों को पाटने का प्रयास करेगा, हालांकि इस चरण पर किसी संयुक्त बयान पर आम सहमति बन पाना मुश्किल ही लग रहा है।

Tags :

# International News

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts