Sun, 12 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

बंद कमरे में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा: पुलिस ने दबिश देकर 5 पुरुष और 2 महिलाओं को पकड़ा....

‘और गहरी हो गई हैं दरारें’, कई कोच जल्द ही गौतम गंभीर के स्टाफ को छोड़ सकते हैं!

Shekhar Suman के सहयोगी Dharmesh Sangani के ठिकानों पर ईडी का छापा, सबूत मिटाने 13वीं मंजिल से फेंका फोन …

गांवों में अफसर तैयार करेगी योगी सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी, 32 जिलों की 11,350 पंचायतों में होगी सुविधा

महतारी वंदन योजना: 626.25 करोड़ की 29वीं किस्त जारी, CM साय ने कहा- आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है योजना

मैनपाट में बाइकर्स गैंग पर पुलिस का एक्शन: 60 बाइक चालकों को पकड़ा, स्टंट करते वीडियो हुआ था वायरल

चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला पैर, RPF जवान ने बचाई यात्री की जान

‘मंदिर नहीं, बनिया की दुकान…’ महंत धर्मदास बोले- चंपत कंपनी की नीयत ठीक नहीं, गोविंदगिरी पर भी तंज

11 July History: मुंबई ट्रेन ब्लास्ट से लेकर सिरिशा बांदला की अंतरिक्ष उड़ान तक, जानिए प्रमुख घटनाएं

भारत-न्यूजीलैंड में हुए 18 समझौते, 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट

सूचना

उत्तर प्रदेश :- लखनऊ न्यूज : पिता बनाना चाहते थे डॉक्टर, फिर बेटे ने क्यों कर दी उनकी हत्या, लखनऊ हत्याकांड से समाज को क्या सीख लेनी चाहिए

Abhyuday Bharat News / Wed, Feb 25, 2026 / Post views : 203

Share:

लखनऊ में बेटे के पिता का कत्ल करने की वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया है। ये वारदात समाज से एक गंभीर सवाल है कि आखिर हम ऐसा क्या गलत कर रहे हैं, जो रिश्तें एक मिनट के अंदर तारतार हो जा रहे हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का डेटा बताता है कि 2013 से 2023 के बीच, एक दशक में स्टूडेंट्स के आत्महत्या करने की दर 65% बढ़ गई। इन सुसाइड के पीछे मुख्य वजहें रहीं पढ़ाई का प्रेशर और सामाजिक-पारिवारिक-आर्थिक दबाव। लेकिन, लखनऊ में जिस तरह का अपराध हुआ है, उसके पीछे केवल पढ़ाई का दबाव नहीं। यह परिवारों में बढ़ती संवादहीनता और मानसिक स्वास्थ्य की विफलता का संकेत है।

दबा हुआ गुस्सा

पुलिस जांच के मुताबिक, पैथोलॉजी लैब संचालक पिता चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने। वह उस पर NEET क्लियर करने का दबाव बना रहे थे। घटना वाले दिन भी दोनों में बहस हुई। 21 साल के बेटे ने पिता को गोली मारी और फिर शव को छुपाने के लिए उसके कई टुकड़े किए। कुछ टुकड़ों को बाहर ले जाकर फेंकना, कुछ को घर में ड्रम में छिपाना, छोटी बहन को डरा-धमकाकर चुप रखना और पुलिस के सामने पहले पिता के लापता होने और फिर खुदकुशी की कहानी पेश करना बताता है कि यह केवल आवेश में उठाया गया कदम नहीं था।

करियर का दबाव

कैसे एक बेटे के भीतर इतनी नफरत भर सकती है कि वह अपने पिता के साथ इतनी नृशंस वारदात को अंजाम दे! क्या 'कुछ बनने' का दबाव इतना भारी हो सकता है कि उसके आगे रिश्ते दरक जाएं? हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी संतान करियर में अच्छा करे, लेकिन कई बार इसकी वजह से ऐसा अनदेखा दबाव पनपता है, जिसका अंदाजा समय रहते नहीं लग पाता। इस मामले में कई और वजहें भी होंगी, जो धीरे-धीरे जुड़ती चली गईं और इस भयावह वारदात का कारण बनीं - जिनका पता जांच में चलेगा।

टूटते सपने

भारत में NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के लिए उम्मीद का रास्ता हैं। लेकिन, यह भी सच है कि इन परीक्षाओं के साथ असाधारण दबाव जुड़ा होता है। NEET में पिछले साल 23 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि JEE मेन 2026 सेशन-1 में 13.55 लाख रजिस्ट्रेशन थे। इनमें से बहुत थोड़े होते हैं, जिन्हें अच्छे संस्थानों में प्रवेश मिल पाता है। हर साल कोटा जैसे कोचिंग हब से स्टूडेंट्स के खुदकुशी की खबरें आती हैं।

सामाजिक संवाद

इस घटना का दूसरा बड़ा पहलू सामाजिक है। आरोपी स्टूडेंट की मां का निधन हो चुका है। हालांकि घर में चाचा-चाची भी हैं। अगर घर में लगातार संवाद होता, युवक की मनोस्थिति को समझने की कोशिश की जाती, तो हो सकता है कि बात यहां तक न पहुंचती।

Tags :

#breking news

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts