Sun, 12 Jul 2026
Logo

ब्रेकिंग

बंद कमरे में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा: पुलिस ने दबिश देकर 5 पुरुष और 2 महिलाओं को पकड़ा....

‘और गहरी हो गई हैं दरारें’, कई कोच जल्द ही गौतम गंभीर के स्टाफ को छोड़ सकते हैं!

Shekhar Suman के सहयोगी Dharmesh Sangani के ठिकानों पर ईडी का छापा, सबूत मिटाने 13वीं मंजिल से फेंका फोन …

गांवों में अफसर तैयार करेगी योगी सरकार की डिजिटल लाइब्रेरी, 32 जिलों की 11,350 पंचायतों में होगी सुविधा

महतारी वंदन योजना: 626.25 करोड़ की 29वीं किस्त जारी, CM साय ने कहा- आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है योजना

मैनपाट में बाइकर्स गैंग पर पुलिस का एक्शन: 60 बाइक चालकों को पकड़ा, स्टंट करते वीडियो हुआ था वायरल

चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसला पैर, RPF जवान ने बचाई यात्री की जान

‘मंदिर नहीं, बनिया की दुकान…’ महंत धर्मदास बोले- चंपत कंपनी की नीयत ठीक नहीं, गोविंदगिरी पर भी तंज

11 July History: मुंबई ट्रेन ब्लास्ट से लेकर सिरिशा बांदला की अंतरिक्ष उड़ान तक, जानिए प्रमुख घटनाएं

भारत-न्यूजीलैंड में हुए 18 समझौते, 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट

सूचना

: कोटमीसोनार क्रोकोडाइल पार्क में पहली बार वैज्ञानिक सर्वेक्षण

Share:
ABN Express News 24x7  जांजगीर-चाम्पा। छत्तीसगढ़ के एकमात्र मगरमच्छ उद्यान, कोटमीसोनार क्रोकोडाइल पार्क (जिला जांजगीर-चांपा) में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से मगरमच्छों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल को जांजगीर-चांपा वनमंडल द्वारा नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से किया जा रहा है। सर्वेक्षण में ड्रोन तकनीक और ऑक्युलर सर्वेक्षण (दृष्टि आधारित गणना) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मगरमच्छों की सही संख्या और उनके आवासीय व्यवहार को समझने में मदद मिलेगी। https://youtu.be/vwXfLmOe2c4?si=y3PcKi196M0YrflO https://youtu.be/RVxrUj5fdks?si=4N2a-Krx_cmMGrQj स्थानीय लोगों और पर्यटकों में जागरूकता बढ़ाने की पहल इस सर्वेक्षण के साथ-साथ पहली बार कोटमीसोनार क्रोकोडाइल पार्क में थिएटर आधारित जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उद्यान के व्याख्या केंद्र (इंटरप्रिटेशन सेंटर) में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मगरमच्छ संरक्षण की जानकारी दी जा रही है। इसके तहत ड्रोन कैमरों से लिए गए मगरमच्छ उद्यान के हवाई दृश्य दिखाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को पक्षियों की दृष्टि से उद्यान की खूबसूरती और मगरमच्छों के बारे में जानने और देखने का अनूठा अनुभव मिल रहा है। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम कदम यह वैज्ञानिक सर्वेक्षण कोटमीसोनार मगरमच्छ उद्यान में मगरमच्छों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने और उनके आवास को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। इससे न केवल मगरमच्छों की सटीक संख्या का पता चलेगा, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास और संरक्षण की जरूरतों पर भी अध्ययन किया जा सकेगा। इस पहल से स्थानीय समुदाय और पर्यटकों में मगरमच्छों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी, जिससे वन्यजीवों के प्रति सह-अस्तित्व की भावना विकसित होगी। नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और जांजगीर-चांपा वनमंडल की इस सराहनीय पहल से मगरमच्छों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, इस सर्वे में नोवा नेचर अध्यक्ष एम सूरज,रेस्क्यु हेड जितेंद्र सारथी, सीनियर बायोलॉजिस्ट मयंक बक्शी, सीनियर बायोलॉजिस्ट सिद्धांत जैन, फील्ड रिसर्चर भूपेंद्र जगत की एहम भूमिका हैं।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts