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छत्तीसगढ़ न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के उदंती टाइगर रिजर्व में मिली 'रहस्यमयी' बाघिन, देश के किसी डेटाबेस में नहीं मिला मैच

Abhyuday Bharat News / Tue, May 26, 2026 / Post views : 137

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छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इस साल जनवरी में एक 4 साल की रहस्यमयी बाघिन दिखाई दी। देश के किसी भी वाइल्डलाइफ डेटाबेस या पड़ोसी राज्यों के कैमरों में इसके मूवमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं है। जानिए, एक्सपर्ट्स क्यों इसे कुदरत का एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इस साल जनवरी में एक 4 साल की रहस्यमयी बाघिन दिखाई दी। देश के किसी भी वाइल्डलाइफ डेटाबेस या पड़ोसी राज्यों के कैमरों में इसके मूवमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं है। जानिए, एक्सपर्ट्स क्यों इसे कुदरत का एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस बाघिन की धारियों का पैटर्न भारतीय वन्यजीव संस्थान के नेशनल टाइगर डेटाबेस से भी मैच नहीं हुआ है। जबलपुर की नानाजी देशमुख वेटरनरी साइंस यूनिवर्सिटी की फॉरेंसिक लैब में इसके मल के सैंपल की जांच से यह पुष्टि हुई है कि यह एक बाघिन ही है।

अप्रैल और मई की तस्वीरों ने बढ़ाई हलचल

शुरुआत में वन विभाग को लगा कि यह बाघिन सिर्फ यहां से गुजर रही है। लेकिन अप्रैल और मई 2026 में सामने आईं ताजा कैमरा ट्रैप तस्वीरों से साफ हो गया है कि उसने उदंती के जंगलों को अपना नया घर बना लिया है। आमतौर पर नर बाघ नएइलाके की तलाशमें 1,000 किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं, लेकिन मादा बाघिनें अपने जन्मस्थान से 150 से 200 किलोमीटर के दायरे में ही रहती हैं। ऐसे में इस बाघिन का बिना किसी सुराग के अचानक इस कोर एरिया में आकर बस जाना हर किसी को चकित कर रहा है।

जब इंसानों से पहले प्रकृति ने ढूंढ लिया रास्ता

पिछले एक दशक से उदंती रिजर्व मेंबाघों की संख्यालगभग खत्म हो चुकी थी। साल 2014 में यहां तीन बाघ थे, जो 2018 तक घटकर सिर्फ एक रह गए। वन विभाग ने यहां बाघों को दोबारा बसाने के लिए नवंबर 2024 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को तीन बाघों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन इससे पहले कि इंसान कागजों पर अपनी योजना पूरी करते, प्रकृति ने खुद ही इस खाली हो चुके जंगल को आबाद करना शुरू कर दिया। एक्सपर्ट्स इसे 'नेचुरल रीइंट्रोडक्शन' का एक बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं, जो यह दिखाता है कि उदंती का जंगल अब वन्यजीवों के अनुकूल होने लगा है।

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