Sun, 21 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

भारत और रूस मिलकर बनाएंगे छोटे और हाइपरसोनिक ब्रह्मोस वेरिएंट, यह कैसे साबित हो सकता है गेम-चेंजर?

कर्क राशि के जातकों को वापस मिल सकता है रुका हुआ पैसा, जानिए अपना राशिफल …

फादर्स डे पर डायबिटीज पापा के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी खजूर dryfruits लड्डू, जानें आसान रेसिपी

किरोड़ी बाबा का बड़ा खुलासा: मेरी सरकार में ही हो रही साजिश, ACB दफ्तर पहुंचकर मंत्री ने खोला राज

24 जून से तीन दिन की हड़ताल पर रोडवेज-पनबस और पीआरटीसी कर्मी, पंजाब में बस सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

MPPSC मेंस परीक्षा 2025 का शेड्यूल जारी: 17 अगस्त से होगी मुख्य परीक्षा, 12 शहरों में होंगे एग्जाम सेंटर

RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाले सैफ का एनकाउंटर; पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का कनेक्शन निकला

‘कार्रवाई की बजाय हो रही लीपापोती’, मुजफ्फरपुर अग्निकांड को लेकर नीतीश कुमार से मिले डॉ. एलबी सिंह

पीएम विकसित भारत रोजगार योजना: उत्तराखंड के 6 हजार कर्मचारियों और 900 नियोक्ताओं को मिले 24 करोड़

पीतांबरा पीठ पहुंचे UP के सीएम योगी आदित्यनाथ: मां बगलामुखी देवी के किए दर्शन

सूचना

CG NEWS : छत्‍तीसगढ़ में सरकार और सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 2.10 करोड़ के इनामी 51 माओवादियों का समर्पण

Abhyuday Bharat News / Thu, Jul 24, 2025 / Post views : 223

Share:

माओवादी लखमा लेकाम की माओवादियों ने नसबंदी करा दी थी। सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करके उपचार के बाद वह पिता बनना चाहता है, ताकि सुख और शांति के साथ अपने परिवार के साथ जी सके।

बीजापुर में सर्वाधिक 25 माओवादियों का समर्पण, इनमें 25 लाख का इनामी रामन्ना भी

कांकेर में 13, नारायणपुर में आठ, सुकमा जिले में पांच माओवादियों ने छोड़ा संगठन

समर्पित महिला माओवादी ने कहा- मेरी एक बेटी हो और वो बड़ी होकर शिक्षक बने।

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में बुधवार को 2.10 करोड़ के इनामी 51 माओवादियों ने समर्पण कर दिया। इनमें इनमें 25 लाख का इनामी स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (एसजेडसीएम) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश भी शामिल है। जगदीश ओडिशा राज्य सब जोनल ब्यूरो का कमांड इन चीफ था। बीजापुर में 25, कांकेर में 13, नारायणपुर में आठ व सुकमा के पांच सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी कर ली।

नारायणपुर में समर्पण करने वाली माओवादी रीना कुर्साम ने कहा कि उसका सपना है कि उसकी एक बेटी हो और वो बड़ी होकर शिक्षक बने और दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाए। माओवादी लखमा लेकाम की माओवादियों ने नसबंदी करा दी थी। सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त करके उपचार के बाद वह पिता बनना चाहता है, ताकि सुख और शांति के साथ अपने परिवार के साथ जी सके। वहीं, आठ लाख रुपये के इनामी माओवादी हिमांशु मिड़ियाम ने इसलिए आत्मसमर्पण किया, ताकि वो भी माओवादी हिंसा के आदिवासी विरोधी कृत्यों को उजागर करके अपने जनजातीय लोगों को अच्छी जिंदगी के लिये प्रेरित कर सके।

Tags :

#CG NEWS

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts