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राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि रायगढ़ जिला के अंतर्गत वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में की अवधि में 24 ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा राख का उपयोग भू-भराव, खदान भराव में किया जा रहा है। इन ताप विद्युत संयंत्रों में से छह ताप विद्युत संयंत्रों द्वारा स्वयं के निर्मित ऐश डाईक में भी अस्थायी रूप से राख का भंडारण किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में राख को अवैध या बिना अनुमति डंपिंग के 49 मामले मंडल के संज्ञान में आये हैं। मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आदेश के माध्यम से उद्योगों से कच्चे माल, उत्पाद, अपशिष्ट के सड़क मार्ग से परिवहन के दौरान प्रदूषण के रोकथाम के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी किया गया है जो एक अगस्त 2024 से प्रभावी है। उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्टों के परिवहन की निगरानी के लिए औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और निगरानी प्रणाली संचालित की गई है, जो एक मई 2025 से प्रभावी है।
ओपी चौधरी ने बताया कि परिवहन के दौरान एसओपी का उल्लंघन होने पर उद्योगों पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल जुर्माना लगाता है। मंत्री का जवाब सुनने के बाद उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि रायगढ़ ज़िले के बोतल्दा और बनीपाथर गांवों जैसी जगहों पर सड़क के किनारे फ्लाई ऐश अभी भी फेंके जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी गलत जानकारी दे रहे हैं और वह इस मामले में पहले ही शिकायत कर चुके हैं।
जवाब में ओपी चौधरी ने कहा कि परिवहन से जुड़े उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में 10 गुना ज़्यादा है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के तहत 2021-22 और 2022-23 में कोई कार्रवाई नहीं की गई और कहा कि मौजूदा सरकार इसके लिए एक मॉडल एसओपी पर काम कर रही है। मंत्री के जवाब से कांग्रेस के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
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