Thu, 29 Oct 2026
Logo

ब्रेकिंग

भोपसरा में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

लईका चिन्हारी' ऐप से आउट ऑफ स्कूल व दिव्यांग बच्चों की पहचान हेतु राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण निमोरा में संपन्न

छत्तीसगढ़ में हल्की ठंड की शुरुआत, अगले चौबीस घंटे में गिर सकता है तापमान,

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की का

विश्वास का फायदा उठाकर शासकीय व्याख्याता ने निजी स्कूल के खाते में कर दी सेंध-मारी, दीदी शिक्षण समिति के पदाधिकारी ने की

जीत कर भी गले मेँ आती है हार की माला, एक बड़ा भूमि घपला सामने आएगा

SP के नाम पर 10 हजार की ठगी, पुलिस को शर्म नहीं शोहरत लगती है

शिक्षक का आज, शिक्षा का कल : बदलती कक्षा, बढ़ती अपेक्षाएँ और शिक्षा के भविष्य की नई दिशा

सरस्वती शिशु मंदिर बैतलपुर में प्रांतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का भव्य समापन, उत्कृष्ट प्रतिभागी हुए पुरस्कृत

सूचना

मां बम्लेश्वरी मंदिर किसका, ट्रस्ट, राजपरिवार या गोंड-आदिवासी समाज का:पूजा पद्धति पर विवाद, भवानी बहादुर बोले- परंपरा बदली, सभी समाजों को मिले प्रतिनिधित्व

घर में घुसकर मां-बेटे का मर्डर:भतीजे ने बेटी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया; जादू-टोने के शक में वारदात, डोंगरगढ़ में 3 अरेस्ट

शराब घोटाला, कांग्रेस भवन पहुंचाए गए 860-880 करोड़:ED का दावा- कांग्रेस नेता रामगोपाल की मॉनिटरिंग में पहुंचा कैश, 9.06 करोड़ की संपत्ति अटैच

: रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, आलोक शुक्ला और पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ ईओडब्ल्यू में केस दर्ज

Admin / Tue, Nov 5, 2024 / Post views : 386

Share:
ABN EXPRESS NEWS 24x7

एसीबी और ईओडब्ल्यू ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा, आलोक शुक्ला, और पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ नागरिक आपूर्ति निगम में बड़े घोटाले के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राशन वितरण में गड़बड़ी की और हाईकोर्ट में अवैध तरीके से अग्रिम जमानत हासिल की।

  • 13 हजार 301 दुकानों में राशन बांटने में गड़बड़ी का मामला
  • इन अधिकारियों ने राशन बांटने में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप।
  • वर्ष 2019-20 में अवैध तरीके से अग्रिम जमानत हासिल करने का आरोप।
आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों अनिल टुटेजा, आलोक शुक्ला, और पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। यह एफआईआर इन तीनों आरोपियों के वाट्सएप चैट और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रतिवेदन के आधार पर नागरिक आपूर्ति निगम (नान) में बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों के संबंध में दर्ज की गई है। ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश सिंह ठाकुर द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान इन अधिकारियों ने राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की और अपने पद का दुरुपयोग किया।
एफआईआर में कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में हाईकोर्ट में दूषित तरीके से अग्रिम जमानत प्राप्त की गई, जिसका समर्थन करने वाले कई सबूत ईओडब्ल्यू को मिले हैं। जांच में पाया गया कि 2019 से 2020 के बीच, डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने अपनी स्थिति का दुरुपयोग करते हुए सतीश चंद्र वर्मा को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे वे अपने कर्तव्यों का पालन गलत तरीके से कर सकें। अपराधियों ने आपस में मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में दस्तावेजों और जानकारी में बदलाव किया, ताकि अपने खिलाफ दर्ज नान के मामले में उच्च न्यायालय में पक्ष में जवाब तैयार किया जा सके। गौरतलब है कि अनिल टुटेजा शराब घोटाले में भी ईडी और एसीबी के मामले में आरोपित हैं।

गवाही बदलने का दबाव

ईडी द्वारा पंजीकृत ईसीआईआर /01/2019 में भी अग्रिम जमानत प्राप्त करने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने गवाहों को अपने बयान बदलने के लिए दबाव बनाया और दस्तावेजों को प्रभावित किया। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

ये है पूरा मामला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान 13,301 राशन दुकानों में राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप है। चावल के मामले में अकेले 600 करोड़ रुपये का घोटाला होने का दावा किया गया है, जबकि कुल घोटाले का आंकड़ा एक हजार करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि स्टॉक सत्यापन न करने के बदले में हर राशन दुकान से 10 लाख रुपये वसूले गए थे। वर्ष 2019 से 2020 तक डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा शक्तिशाली अधिकारियों के रूप में कार्यरत थे, जिनका कांग्रेस सरकार के संचालन और अधिकारियों के तबादले में सीधा हस्तक्षेप था।

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts