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: Bastar Olympics 2024: बस्तर ओलंपिक 2024 के लिए इस तारीख से कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

Admin / Thu, Oct 10, 2024 / Post views : 277

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छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर ओलंपिक;’ यह क्या है?

  • छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में एकता, शांति और आशा को बढ़ावा देने के लिए 1 नवंबर 2024 को ‘बस्तर ओलंपिक’ शुरू कर रही है। यह अनोखा गांव खेल पहल नक्सल हिंसा के पीड़ितों और आत्मसमर्पण किए हुए नक्सलियों के बीच के फासले को पाटने का उद्देश्य रखती है।
  • यह पारंपरिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ रहने वाले दो समुदायों को एक साथ लाएगी। यह कार्यक्रम युवाओं पर केंद्रित होगा, उन्हें खेलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जबकि पूर्व नक्सलियों को समाज में पुनर्स्थापित होने का एक मंच भी प्रदान करेगा।

बस्तर में बदलाव का उपकरण: खेल

  • बस्तर ओलंपिक उस समय आ रहा है जब सरकार की सुरक्षा कार्रवाइयों ने क्षेत्र में माओवादी प्रभाव को काफी कमजोर कर दिया है। एक समय जो स्कूल बंद थे, अब फिर से खुल रहे हैं, और विकास परियोजनाएं अंततः दो दशकों के संघर्ष के बाद प्रकाश में आ रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि ये खेल युद्धग्रस्त क्षेत्र में एक बहुत जरूरी ‘फील-गुड’ फैक्टर डालेंगे।
  • बस्तर रेंज के खेल अधिकारी रविंद्र पट्टनायक के अनुसार, खेल ब्लॉक स्तर पर शुरू होंगे ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने *टाइम्स ऑफ इंडिया* को बताया, “प्रारंभिक योजना के अनुसार, ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं 1-15 नवंबर से चलेंगी, उसके बाद जिला स्तर की प्रतियोगिताएं 15-20 नवंबर तक होंगी, और विभागीय फाइनल जगदलपुर में 8-30 नवंबर को होंगे।” विजेताओं को नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह दिए जाएंगे, जिससे उन्हें खेलों के प्रति अपनी रुचि बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

आत्मसमर्पित माओवादी और पीड़ित

  • बस्तर ओलंपिक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आत्मसमर्पित माओवादियों और माओवादी हिंसा के पीड़ितों यानी स्थानीय जनसंख्या की भागीदारी है। जबकि इन दो समूहों का आमने-सामने मिलना गहरे वैमनस्य के कारण असामान्य है, यह कार्यक्रम मेल-मिलाप का एक अद्वितीय मंच प्रदान करता है।
  • गांववालों के दिलों में माओवादी को देखकर डर भरा होता है क्योंकि वे कई वर्षों से हिंसा के शिकार रहे हैं। परिवार इतने डर गए हैं कि अगर उनके करीबी माओवादियों द्वारा मारे जाते हैं, तो वे पुलिस को शिकायत करने और सूचित करने से बचते हैं।
  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जो राज्य के गृह विभाग के प्रमुख हैं, ने कहा कि ये खेल बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो विद्रोह के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, और सरकार उन्हें उनके रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करेगी।” यह पहल कमजोर समुदायों को खेलों की भावना और आशा के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए एक बड़े प्रयास का हिस्सा है।
  • विभागीय स्तर पर, स्थानीय जनसंख्या, माओवादी हिंसा के पीड़ित, आत्मसमर्पित कैडर और अन्य प्रतिभागी पुरुषों के लिए हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल और वेटलिफ्टिंग जैसी श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि महिला प्रतिभागियों के लिए खींचतान का खेल निर्धारित किया जाएगा।

बस्तर क्षेत्र के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने प्रदेश सरकार की विशेष पहल

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार बस्तर क्षेत्र के युवाओं के रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को निखारने, उन्हें अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने और बस्तर क्षेत्र की जनता का शासन से प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर ओलम्पिक 2024 खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इन खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को नोडल बनाया गया है।              जिला पंचायत के सीईओ एवं बस्तर ओलंपिक के जिला नोडल अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल ने बस्तर ओलम्पिक-2024 की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन में विकासखण्ड स्तर से लेकर संभाग स्तर तक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एथलेटिक, तीरंदाजी, बैडमिंटन, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी खो-खो, व्हॉलीबॉल एवं रस्साकसी आदि खेलों के विभिन्न इवेंट्स सम्मिलित होंगे। यह प्रतियोगिता जूनियर एवं सीनियर वर्ग में आयोजित होगी। नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली सदस्यों को प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें सीधे संभाग स्तर पर प्रतिभागिता सुनिश्चित कराई जाएगी।           उन्होंने बताया कि बस्तर ओलम्पिक हेतु त्रिस्तरीय आयोजन विकासखण्ड, जिला एवं संभाग स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए विकासखण्ड स्तरीय आयोजन की प्रस्तावित तिथि 01 से 10 नवम्बर के मध्य एक दिवसीय, जिला स्तरीय आयोजन तिथि 10 से 22 नवम्बर के मध्य अधिकतम दो दिवसीय एवं संभाग स्तरीय आयोजन संभाग मुख्यालय जगदलपुर में 25 से 30 नवम्बर के मध्य तीन दिवसीय आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। आयोजन हेतु विकासखण्ड एवं जिला स्तर पर आयोग समिति का गठन किया जाएगा तथा संभाग तथा राज्य स्तर पर आयोजन समिति का गठन शासन द्वारा किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक हेतु पंजीयन की प्रक्रिया आगामी 20 अक्टूबर तक चलेगी। इसके लिए क्यूआर कोड की भी सुविधा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

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