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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बिलासपुर इकाई ने रिश्वतखोरी के तीन अलग-अलग ट्रैप मामलों में कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को आरोपियों के खिलाफ संबंधित विशेष न्यायालयों में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश कर दिए। तीनों मामलों में आरोपी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

पहला मामला 29 मई 2026 का है। प्रार्थी अमृतलाल बघेल की शिकायत पर एसीबी ने प्रदीप मिश्रा, बाबू, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 7 जुलाई 2026 को विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट, कोरबा में अभियोग पत्र पेश किया गया।
दूसरा मामला 10 मई 2026 का है। प्रार्थी देवेंद्र कश्यप की शिकायत पर एसीबी ने विजय पांडेय, बाबू, कार्यालय अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM), बिलासपुर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था।
आरोपी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया था। सोमवार को विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट, बिलासपुर में इस मामले का अभियोग पत्र दाखिल किया गया।
तीसरा मामला भी 10 मई 2026 का है। प्रार्थी शिव बरेठ की शिकायत पर एसीबी ने एस.एन. मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक (ASI), थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
इस मामले में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 7 जुलाई 2026 को विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट, जांजगीर-चांपा में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
एसीबी बिलासपुर की ओर से बताया गया कि तीनों ट्रैप मामलों की जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित विशेष न्यायालयों में अभियोग पत्र प्रस्तुत कर दिए गए हैं। अब इन मामलों में न्यायालय के समक्ष विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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