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नई दिल्ली: घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। नई दरें रविवार से लागू हो गई हैं। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं।
कांग्रेस ने कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महंगाई मैन मोदी’ बताया और आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार की नीति साफ है-जनता से वसूली कर अपने करीबी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना।
महंगाई मैन मोदी ने फिर से चाबुक चलाया है। अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये और महंगा हो गया है। मोदी का फॉर्मूला साफ है, जनता से वसूली करो और अमीर दोस्तों की तिजोरियां भरो
कांग्रेस
आम आदमी पार्टी (AAP)ने भी गैस सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। पार्टी ने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर यह एक और बड़ा बोझ है। AAP के मुताबिक तीन महीने के भीतर दूसरी बार सिलेंडर महंगा किया गया है, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ेगा और आम परिवारों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
LPG सिलेंडर की कीमतें फिर बढ़ गई हैं। तीन महीने के भीतर दूसरी बार घरेलू गैस सिलेंडर महंगा हुआ है। इस बार 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। महंगाई ने पहले ही जनता की कमर तोड़ दी है और अब मोदी सरकार उनके पेट पर भी लात मार रही है।
आम आदमी पार्टी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक संकटों का पूरा बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार भविष्य की चुनौतियों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाती और हर बार कीमतों का भार सीधे जनता पर डाल देती है। TMC ने कहा कि अमीरों के लिए यह मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन करोड़ों परिवारों के लिए यह घरेलू बजट पर बड़ा झटका है।
देशभर में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है। वहींकंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG)के दाम भी करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़े हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और परिवहन क्षेत्र दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि मार्च में की गई LPG की कीमत में बढ़ोतरी तेल कंपनियों के घाटे की केवल आंशिक भरपाई कर सकी थी। कंपनियां अभी भी घरेलू गैस की बिक्री पर भारी अंडर-रिकवरी का सामना कर रही हैं। ऐसे में ताजा बढ़ोतरी को लागत और नुकसान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इसका सीधा असर आम परिवारों की रसोई और मासिक बजट पर पड़ेगा।
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