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ABN NEWS :- देश दुनिया : मोहम्‍मद यूनुस ने सबको धोखा दिया, बांग्लादेश-अमेरिका ट्रेड डील पर कैबिनेट तक को नहीं बताया, सामने आया काला चिठ्ठा

Abhyuday Bharat News / Wed, May 27, 2026 / Post views : 188

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मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने के शासन के दौरान बांग्लादेश में सभी को धोखा दिया। यूनुस ने आम चुनाव से तीन दिन पहले चुपके से अमेरिका के साथ ट्रेड डील कर ली। इस बारे में कैबिनेट को भी नहीं पता था।

ढाका: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश पर 18 महीने के शासन के दौरान जो किया, अब एक-एक कर सामने आ रहा है। अंतरिम शासन की बागडोर संभालते समय मोहम्मद यूनुस ने देश को बदलने का वादा किया था, लेकिन असल में उन्होंने सिर्फ अपनी किस्मत बदली और देश को भी बेच दिया। इस दौरान यूनुस ने उन लोगों को भी धोखा दिया, जिन्होंने उन्हें सत्ता में बिठाया। यूनुस के सत्ता सौंपने के तीन महीने के भीतर ही उनके करीबी ही राज खोल रहे हैं।

इस बारे में सबसे बड़ा खुलासा अंतरिम सरकार में विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका के साथ ही हुई बांग्लादेश की ट्रेड डील के खेल की पोल खोल दी है। हुसैन ने कहा कि इस डील में विदेश मंत्री या विदेश मंत्रालय की जरा भी भागीदारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि इसमें वाणिज्य मंत्रालय और उस समय के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान शामिल थे। रहमान बाद में BNP सरकार में विदेश मंत्री बन गए, जो एक हैरानी भरा कदम था।

इस डील के पीछे कोई गुप्त कारण हो सकता है जिसकी वजह से हम ऐसा करने पर मजबूर हुए। अगर कोई मजबूरी न होती, तो इस समझौते पर हस्ताक्षर का काम एक चुनी हुई सरकार पर छोड़ना ही उचित होता।

                                        तौहीद हुसैन, पूर्व विदेश सलाहकार, बांग्लादेश     

कैबिनेट सहयोगियों को भी नहीं दी जानकारी

यह आरोप लगाने वाले तौहीद हुसैन अकेले नहीं हैं। यूनुस की 'किचन कैबिनेट' का हिस्सा रहे आसिफ नजरुल ने दावा किया कि उन्हें इस समझौते से जुड़ी चर्चाओं में बुलाया भी नहीं गया था। यूनुस कैबिनेट के एक अन्य सदस्य और शेख हसीना विरोधी छात्र आंदोलन के नेता आसिफ महमूद शोजिब भुइयां ने कहा कि अंतरिम सरकार के दौरान बड़े फैसले कैसे लिए गए इस बारे में कुछ भी साफ नहीं है।

खलीलुर रहमान ने तैयार की पूरी डील

आसिफ महमूद ने कहा कि हम सुन रहे हैं कि सभी फैसले किचन कैबिनेट में नहीं लिए गए थे। खलीलुर रहमान ने कथित तौर पर यह समझौता (अमेरिका से डील) किया था। आसिफ ने दावा किया कि NCP की चिंताओं को नजर अंदाज किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आम चुनाव से ठीक तीन दिन पहले ही यह समझौता क्यों किया गया और इसे चुनी हुई सरकार के लिए क्यों नहीं छोड़ा गया। उन्होंने इसकी समीक्षा की भी मांग की।

छात्र आंदोलन को भी यूनुस ने दिया धोखा

यूनुस ने उन छात्रों को भी धोखा दिया, जिन्होंने जुलाई आंदोलन के बाद उन्हें सत्ता के शीर्ष पर बैठाया। यूनुस ने अराजकता रोकने के बजाय इन छात्रों को मैदान में उतार दिया, ताकि भीड़ की हिंसा के जरिए विरोध की आवाजों को दबाया जा सके। डेढ़ साल के कार्यकाल का इस्तेमाल यूनुस ने पूरी तरह खुद के लिए किया। उनके ऊपर चल रहे अदालती मामले वापस लिए गए। आयकर माफ किए गए और उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया गया। यूनुस ने चुनाव के पहले अपना मकसद पूरा कर लिया था।

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