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: नशे क़े गिरफ्त में स्कूली बच्चे, छात्र क़े पालक का कहना है की स्कूल परिसर में होता है नशे का कारोबार

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मोपका क्षेत्र का एक कोचिंग, प्ल्स प्राइवेट स्कूल जिसमें अनाधिकृत हॉस्टल भी चलता है के संदर्भ में गंभीर शिकायत चर्चा में आ रही है। नौवीं कक्षा के छात्र के पालक का कहना है कि स्कूल परिसर में दबे छुपे तरीके से गांजे और नशीले पदार्थों की बिक्री होती हैं। यह स्कूल पूर्व में भी तब चर्चा में आया था जब स्कूल के वार्डन प्ल्स प्राचार्य एक हाई स्कूल के छात्र को स्टंप से मारा और पीड़ित का हाथ टूट गया। फरियादी ने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और स्कूल ने अपना बचाव में यह कह कर किया था कि उसे घटना के बाद निकाल दिया। जबकि यह आधा सच था कर्मचारी को कागज पर निकाला गया और अन्य सेवा स्कूल में जारी रखी गई। इन दोनों इसी स्कूल से जुड़ा प्रबंधक प्रदेश में नई मार्केटिंग कर रहे शिक्षा बोर्ड की कमान भी संभालें है। यह शिक्षा बोर्ड जाति पाति, शरबत जिहाद में उच्च न्यायालय के समक्ष नतमस्तक योगाचार्य का बताया जाता है। छत्तीसगढ़ समन्वयक कागज पर दावा करते हैं कि 88 स्कूल बोर्ड से संबद्धता हो चुके हैं। बिलासपुर शिक्षा विभाग का अधिकृत दावा है कि जिले का एक भी स्कूल इस शिक्षा बोर्ड से सम्बन्ध नहीं हुआ है। पड़ोसी जिले जांजगीर में इस बोर्ड की गतिविधियां तेज है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का इतिहास जानने वाले बताते हैं कि फर्जी परीक्षार्थी मुन्ना भाई, डमी नकल की सुविधा वाले परीक्षा केंद्रों के लिए जांजगीर जिला शिक्षा क्षेत्र में कुख्यात रहा है।

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