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Trending news : इजरायल के टारगेट पर थे ईरान के दो बड़े नेता, नेतन्याहू मारने की रच रहे थे साजिश; अमेरिका ने खुद किया अलर्ट

Abhyuday Bharat News / Fri, Jul 3, 2026 / Post views : 162

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अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगा है। अमेरिका को आशंका थी कि इजरायल युद्धविराम वार्ता के दौरान गड़बड़ करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ की हत्या की साजिश रच सकता है। इसी डर से अमेरिका ने खाड़ी के कुछ देशों के जरिए तेहरान को इस संभावित खतरे के बारे में आगाह कराया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और शांति वार्ता शुरू हुई, तब अमेरिका को चिंता थी कि अगर इजरायल ने इन दोनों नेताओं को निशाना बनाया, तो बातचीत पूरी तरह पटरी से उतर सकती है और युद्ध फिर भड़क सकता है।

रिपोर्ट में क्या कहा गया ?

रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध की शुरुआत में इजरायल की रणनीति ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की थी। इसी दौरान ईरान के कई बड़े नेताओं की हवाई हमलों में मौत भी हुई। इनमें पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ नेता अली लारिजानी जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। बताया गया कि ये दोनों उस समय अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया का हिस्सा भी थे।

इजरायल के टारगेट पर थे अराघची और गालिबाफ

अमेरिका चाहता था कि बातचीत जारी रहे, जबकि इजरायल की प्राथमिकता ईरान की मौजूदा सत्ता को कमजोर करने की थी। यही वजह रही कि दोनों सहयोगी देशों की रणनीति में अंतर दिखाई देने लगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्बास अराघची और गालिबाफ मार्च से ही इजरायल की संभावित टारगेट लिस्ट में थे। हालांकि अप्रैल में युद्धविराम वार्ता शुरू होने के बाद अमेरिका के दबाव पर उनके नाम इस सूची से हटा दिए गए।

हमले में बाल-बाल बचे बाघेर गालिबाफ सड़क के जरिए पहुंचे तेहरान

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बाघेर गालिबाफ दो बार हमले से बाल-बाल बचे। एक बार 2025 के संघर्ष के दौरान और दूसरी बार हालिया युद्ध में। इसके अलावा, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात के बाद जब गालिबाफ तेहरान लौट रहे थे, तब ईरानी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली कि इजरायल उनके विमान को निशाना बना सकता है। इसके बाद उनका विमान आपात स्थिति में मशहद में उतारा गया और वहां से वे सड़क मार्ग से तेहरान पहुंचे।

हालांकि, इन रिपोर्ट्स पर न तो इजरायल और न ही अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है। बावजूद इसके रिपोर्ट में कहा गया है कि कथित हत्या की आशंकाओं के बाद भी अराघची और गालिबाफ ने अपनी विदेश यात्राएं जारी रखीं और कतर और स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता में हिस्सा लिया।

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