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दिल्ली न्यूज : बॉडी पर लगे होंगे कैमरे, अमेरिका की तर्ज पर काम करेगा दिल्ली का PCR स्टाफ

Abhyuday Bharat News / Fri, Feb 27, 2026 / Post views : 149

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पहले चरण में बॉडी वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। दूसरे चरण में वैन के लिए डैश बोर्ड कैमरे लेने की योजना है। राजधानी में इमरजेंसी स्थितियों के दौरान पुलिस कार्रवाई को और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

नई दिल्ली: कॉल पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिस कंट्रोल रूम ( PCR ) के स्टाफ को जल्द ही बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा। हालिया दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब मौका-ए-वारदात पर पहुंचे स्टाफ के साथ बदसलूकी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए 500 से ज्यादा बॉडी वॉर्न कैमरे खरीदने की तैयारी चल रही है। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत पहले ही पीसीआर यूनिट को SS बॉडी वॉर्न कैमरे मिले हुए हैं।

पुलिस अफसरों के मुताबिक, पहले चरण में बॉडी वॉर्न कैमरे दिए जाएंगे। दूसरे चरण में वैन के लिए डैश बोर्ड कैमरे लेने की योजना है। राजधानी में इमरजेंसी स्थितियों के दौरान पुलिस कार्रवाई को और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। दरअसल पिछले दिनों कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब पीसीआर स्टाफ मौके पर गया और उनके साथ मारपीट तक की गई। दोनों तरफ के आरोप -प्रत्यारोप की वजह से यह फैसला करना मुश्किल हो गया कि गलती किसकी तरफ से थी।

रियल टाइम में होता है रिकॉर्ड

पुलिस अफसरों का कहना है कि इमरजेंसी कॉल पर सबसे पहले PCR स्टाफ मौके पर पहुंचता। ऐसे में हालात को पेशेवर तरीके से संभालना बेहद अहम होता है। बॉडी वॉर्न कैमरे रियल टाइम में घटनाओं की रिकॉर्डिंग करते हैं, जिससे सटीक डिजिटल साक्ष्य तैयार होता है। जो जांच, अदालती कार्यवाही या आंतरिक समीक्षा में सहायक साबित हो सकता है।

  • 500 से ज्यादा कैमरे लेने की तैयारी

  • सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत अभी 88 हैं मौजूद

  • दूसरे चरण में PCR वैन के लिए डैश बोर्ड कैमरे की योजना


कंट्रोल रूम में जमा होगी रिकॉर्डिंग

अभी तक 88 बॉडी वॉर्न कैमरे हैं, लेकिन उनकी रिकॉर्डिंग को एक जगह इकट्ठा करने की सुविधा नहीं थी । ये रिकॉर्डिंग संबंधित जिले के कंट्रोल रूम में जमा होंगी।

विवाद कम, जवाबदेही ज्यादा

पुलिस अफसर मानते हैं कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से तथ्य साफ होते हैं, विवाद की गुंजाइश कम रहती है और निष्पक्ष आकलन संभव होता है। इन कैमरों के जरिए पुलिसकर्मियों का आचरण भी रिकॉर्ड होगा। किसी पुलिसकर्मी के व्यवहार की शिकायत आती है तो रिकॉर्डिंग के आधार पर वेरिफाई किया जा सकेगा।

200 अतिरिक्त स्टाफ मिले

पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा के मैनपावर ऑडिट के निर्देश के बाद PCR को 200 अतिरिक्त स्टाफ मिला है। अब एक वैन में तीन पुलिसकर्मियों की तैनाती संभव होगी। हॉटस्पॉट एरिया में प्रभावी कवरेज मिल सकेगा। रात के समय PCR की विजिबिलिटी और मौजूदगी भी बढ़ेगी। PCR यूनिट के पास 857 वैन हैं, जो पहले 802 थी। हाल ही में 55 MPV शामिल की गई है।

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