Wed, 10 Jun 2026
Logo

ब्रेकिंग

बिजली की मांग को लेकर 48 गांवों के 500 ग्रामीणों ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, कहा...

TMC का कांग्रेस में विलय? सोनिया गांधी का ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ऑफर, अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव

जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया आई, बोले- ‘सबसे बड़ी कसौटी…

ईरान का ‘मिशन बदलापुर’: अमेरिका के हमले के बाद पूरे खाड़ी में मचाया कोहराम, कतर से लेकर जॉर्डन तक अमेरिकी बेस पर किया हम

Alpha का धमाकेदार टीजर रिलीज, सबसे अलग किरदार में दिखेगी Alia Bhatt …

बांके बिहारी मंदिर में बड़ा हादसा: जर्जर मकान का छज्जा गिरा, सात श्रद्धालु घायल

एल्विश यादव ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जवाब में बनाई ‘खरगोश जनता पार्टी’, बोले- बहस नहीं, पेस्ट कंट्रोल जरूरी

मार्क जकरबर्ग का बड़ा धमाकाः Meta भारत में खेलेगा पहला AI Data Center, रिलायंस इंडस्ट्रीज से मिलाया हाथ

चीन ने मरोड़ दी जापान की गर्दन, नहीं मानी अमेरिका की बात, भारत पर भी संकट?

12 साल में मोदी सरकार के 12 बड़े फैसले, जिसने बदल दी देश की राजनीति

सूचना

: मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा, बिहार के दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या

Admin / Mon, Dec 16, 2024 / Post views : 245

Share:
File photo

ABN Express News 24x7 

मणिपुर के काकचिंग जिले में शनिवार शाम अज्ञात बंदूकधारियों ने दो बिहार के प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार, यह घटना शाम करीब 5:20 बजे काकचिंग-वाबागई रोड पर केराक गांव में पंचायत कार्यालय के पास हुई. दोनों मजदूर, सुनालाल कुमार (18) और दशरथ कुमार (17), बिहार के गोपालगंज जिले के राजवाही गांव के निवासी थे और वे कंस्ट्रक्शन का काम खत्म कर साइकिल से घर लौट रहे थे.

मृतकों के परिजनों ने बताया कि दोनों युवक यादवपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. काकचिंग पुलिस के अनुसार, जब दोनों मजदूर अपनी साइकिल से घर जा रहे थे, तभी कुछ हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी. घटनास्थल पर पुलिस पहुंचने के बाद दोनों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. मणिपुर में पिछले कुछ महीनों से जारी हिंसा के बीच यह एक और दुखद घटना है, जिसमें दो मजदूरों की जान चली गई. हजारों लोग घर छोड़ने को मजबूर यह घटना मणिपुर में जारी हिंसा के बीच हुई है, जो पिछले 19 महीने से बढ़ती जा रही है. राज्य में कई बार हिंसक झड़पों और संघर्षों के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि हजारों लोग अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं.  मणिपुर में हिंसा की शुरुआत   मणिपुर में हिंसा की शुरुआत मई 2023 में हुई, जब कुकी समुदाय द्वारा 'आदिवासी एकता मार्च' निकाला जा रहा था. यह मार्च मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग के खिलाफ था. इस दौरान कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद से राज्य में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts