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रायपुर : : वीबी–जीरामजी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत सदस्यों की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित

Abhyuday Bharat News / Tue, Aug 4, 2026 / Post views : 167

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वीबी–जीरामजी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत सदस्यों की राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित

एसआईआरडी निमोरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंचायत प्रतिनिधियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

एसआईआरडी निमोरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंचायत प्रतिनिधियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

एसआईआरडी निमोरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंचायत प्रतिनिधियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), निमोरा, रायपुर में राज्य के सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के लिए 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, उनकी जिम्मेदारियों तथा प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं से अवगत कराते हुए उनकी क्षमता का विकास करना है।

           कार्यशाला में जिला पंचायतों के विभिन्न स्थायी समितियों के सभापतियों भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विजन@2047 के अनुरूप ग्रामीण भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीबी जीरामजी अधिनियम, 2025 लागू किया गया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार, आजीविका और समग्र विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी
        श्री सिन्हा ने बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की गई है। साथ ही मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत किए जाने वाले सभी विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे विकास प्रक्रिया में जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

जिला पंचायत सदस्यों को दिए जा रहे व्यवहारिक प्रशिक्षण
         कार्यशाला के दूसरे दिन सरगुजा, रायपुर एवं बस्तर संभाग के जिला पंचायत सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया। इस दौरान संयुक्त आयुक्त श्री रामधन श्रीवास, एसआईआरडी के संकाय सदस्य श्री आनंद रघुवंशी तथा अन्य मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

ग्रामीण विकास के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित प्रशिक्षण
        प्रशिक्षण सत्रों में वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 की अवधारणा एवं उद्देश्य, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, विकसित ग्राम पंचायत योजना का निर्माण, योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए जाने वाले कार्य, पात्र परिवारों का पंजीयन, ग्रामीण रोजगार कार्ड, निगरानी एवं पर्यवेक्षण व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली, ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं के साथ अभिसरण, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा आजीविका संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सहभागी एवं सतत ग्रामीण विकास को मिलेगी गति
         कार्यशाला का उद्देश्य जिला पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यवहारिक समझ से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। इससे ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिक मजबूत होगी तथा सहभागी, पारदर्शी, जवाबदेह और सतत ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

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