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बिहार : जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई सियासत

Abhyuday Bharat News / Tue, Jun 30, 2026 / Post views : 232

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बिहार के कैमूर जिले में जिला परिषद की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ सात सदस्यों ने मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी (DM) को अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा है। अध्यक्ष पर मनमानी करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे जिले की राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।

​आरोपों की फेहरिस्त और मनमानी का दावा

​जिला परिषद सदस्य विकास उर्फ लल्लू सिंह ने अध्यक्ष पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा किसी भी योजना को शुरू करने से पहले सदस्यों को भरोसे में नहीं लिया जाता। सबसे बड़ा आरोप हाई मास्ट लाइट खरीद में गबन का है। सदस्यों का कहना है कि जिस लाइट की बाजार कीमत मात्र डेढ़ लाख रुपये है उसका बिल छह लाख रुपये से ऊपर का दिखाया जा रहा है। इसके अलावा राज्य पंचायती राज विभाग की गाइडलाइन के अनुसार हर तीन महीने में बैठक होनी चाहिए लेकिन यहां छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई बैठक नहीं बुलाई गई है।

​क्या हैं तकनीकी चुनौतियां?

​जिले में कुल 19 जिला परिषद सदस्य हैं। अविश्वास प्रस्ताव को प्रभावी ढंग से लाने के लिए न्यूनतम 10 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य है। फिलहाल सात सदस्यों ने लिखित शिकायत दी है जबकि छह अन्य सदस्यों के भी असंतुष्ट खेमे के संपर्क में होने का दावा किया जा रहा है। अब ऊंट किस करवट बैठता है यह आने वाला समय बताएगा। मोहनियां की जिला परिषद सदस्य गीता पासी ने भी अध्यक्ष के कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए इसे मनमानी करार दिया है।

​दूसरी बार संकट में कुर्सी

​कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अध्यक्ष पद पर संकट के बादल मंडरा चुके हैं। फिलहाल, डीएम द्वारा हाई मास्ट लाइट घोटाले की जांच जारी है जिसके नतीजों और अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली वोटिंग ने जिले की सियासत को खरीद-फरोख्त के दौर में धकेल दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रिंकी सिंह अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब होती हैं या जिला परिषद को नया नेतृत्व मिलेगा।

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