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भारतीय न्यूज एजेंसी एएनाई (ANI) को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि ये पूरा मामला रूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े कथित धोखाधड़ी वाले इक्विटी ढांचे को लेकर कोच्चि कंसोर्टियम के प्रवेश को लेकर है। उन्होंने दावा किया कि जब वे कोच्चि कंसोर्टियम के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो तत्कालीन सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के पूरे तंत्र ने उन्हें गिराने की साजिश रची थी।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब उन्होंने कोच्चि कंसोर्टियम की ओर से पेश किए गए कथित तौर पर गलत तरीके से तैयार किए गए वित्तीय मॉडल को मानने से इनकार कर दिया था। उनके मुताबिक ग्रुप ने ने 350 मिलियन डॉलर की भारी बोली लगाकर टीम को तो हासिल कर लिया लेकिन इसका फाइनेंशियल मॉडल पूरी तरह संदिग्ध था। जब उनसे पूछा गया कि शशि थरूर का बचाव कौन कर रहा था, तो ललित ने कहा कि सोनिया गांधी। हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा गया था। मुझे अहमद पटेल के फोन आते थे। उन दिनों प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे। राजीव शुक्ला मेरे पास आकर मुझे यह करने, वह करने के लिए कहते थे।
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ने आगे कहा कि इस पर सस्पेंस तब और ज्यादा बढ़ गया, जब ‘सुनंदा पुष्कर’ नाम की एक अज्ञात महिला को बिना किसी इन्वेस्टमेंट के 25 फीसदी मुफ्त में इक्विटी दी जा रही थी। ललित मोदी ने इस ‘शैडो शेयर होल्डर’ की पहचान को लेकर सवाल उठाए थे।
शशि थरूर ने रेड कार्रवाई की धमकी दी थी
ललित मोदी ने थरूर पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने कॉल पर उनसे कहा कि ‘ललित सुनंदा के बारे में मत पूछो, वह मेरी अच्छी दोस्त हैं। अगर तुमने ज्यादा सवाल किए, तो मैं सुबह तुम्हारे यहां रेड डलवा दूंगा। मैंने कहा कि तुम खुद को क्या समझते हो? तुम इंडिया के फॉरेन मिनिस्टर हो सकते हो, लेकिन तुम मुझे ये कभी बताने की हिम्मत मत करना। मैंने फ़ोन पर ज़ोर से मारा, और कहा कि मैं साइन नहीं करूँगा। हंगामा मच गया। सुबह के दो बज रहे थे। फिर मुझे एक फ़ोन आया, तुम इसे वेरिफाई कर सकते हो, शशांक मनोहर का, BCCI के प्रेसिडेंट के तौर पर, जिन्होंने कभी दखल नहीं दिया।

क्या है कोच्चि टस्कर्स केरल टीम का विवाद (Kochi Tuskers Kerala)
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की एक फ्रेंचाइजी टीम थी, जिसने केवल एक ही सीज़न (2011) में हिस्सा लिया था। खराब प्रबंधन और वित्तीय विवादों के चलते BCCI ने 2011 के बाद इस टीम का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया था। इस टीम को 2010 में रॉन्डेवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड (Rendezvous Sports World) ने ₹1,550 करोड़ (लगभग 33.3 करोड़ डॉलर) में खरीदा था। फ्रेंचाइजी मालिकों और BCCI के बीच वित्तीय विवाद (स्वामित्व और बैंक गारंटी से जुड़े मुद्दे) हुए। इसके चलते BCCI ने सितंबर 2011 में इस टीम को हमेशा के लिए आईपीएल से बाहर कर दिया था।
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