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ABN NEWS :- देश दुनिया : हीटवेव के कारण भारत में बढ़ी बिजली की खपत, रिकॉर्ड 256 गीगावाट पहुंची मांग; सोलर इंफ्रा ने संभाला मोर्चा

Abhyuday Bharat News / Mon, Apr 27, 2026 / Post views : 199

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हीटवेव के साथ ही भारत में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार को यह मांग 256 गीगावाट पहुंच गई, हालांकि सोलर एनर्जी की मदद से यह मांग आसानी से पूरी कर ली गई। शनिवार को जब मांग 256.1 गीगावाट दर्ज की गई थी, तब सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 57 गीगावाट था। जो कुल उत्पादन का 22 प्रतिशत है।electricity (1)

नई दिल्ली: ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताहांत भारत में बिजली की मांग बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 256 गीगावाट पर पहुंच गई। इसकी वजह यह रही कि भीषण गर्मी की लहर के चलते कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर बढ़ गया। अच्छी बात यह है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते योगदान के चलते बिजली की इस चरम मांग को आसानी से पूरा कर लिया गया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को दोपहर 3 बजकर 38 मिनट पर जब बिजली की चरम मांग 256.1 गीगावाट दर्ज की गई थी, तब सौर ऊर्जा का योगदान लगभग 57 गीगावाट था। जो कुल उत्पादन का 22 प्रतिशत है।

81 गीगावाट रहा सोलर एनर्जी का योगदान

ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि दोपहर 12.30 बजे के आसपास सौर संयंत्रों और रूफटॉप सिस्टम से बिजली उत्पादन बढ़कर लगभग 81 गीगावाट हो गया, कुल उत्पादन 242 का लगभग एक तिहाई है।

271 गीगावाट पहुंच सकती है मांग

उच्च खपत के कारण, शनिवार की मांग ने 24 अप्रैल को एक दिन पहले दर्ज किए गए 252.1 गीगावाट के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर लिया। बिजली मंत्रालय ने इस वर्ष चरम मांग के 271 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। हालांकि कोयला आधारित संयंत्र बेसलोड ऊर्जा आपूर्ति को जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों ने कहा, सोलर, पवन, जल और परमाणु समेत गैर जीवाश्म स्रोतों का योगदान उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने 'मन की बात' में वैश्विक अस्थिरता के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया और सौर और पवन ऊर्जा को भारत के भविष्य की कुंजी बताते हुए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कल्पक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के क्रिटिकैलिटी हासिल करने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने कहा कि रूफटॉप सिस्टम सहित सौर ऊर्जा उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो रही है और यह चरम मांग को पूरा करने में महत्वपूर्णभूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, 'बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की अधिक स्थापना के साथ, यह भविष्य में शाम की चरम मांग को भी पूरा करने में सक्षम होगा।

  • पिछले साल, जून 2025 में पीक डिमांड 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जबकि अप्रैल 2025 में यह 235.32 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर थी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि खपत और बढ़ सकती है क्योंकि लू की स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे घरों और व्यवसायों द्वारा एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल ज्यादा बार होने लगेगा।


  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सप्ताहांत तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लू चलने का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें मई और जून में गर्मी ज्यादा तेज रहने की संभावना है।


  • एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बिजली क्षेत्र को मजबूत नीतिगत समर्थन के चलते 65-70 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय के अवसरों से फायदा होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बिजली की बढ़ती डिमांड, जो संभावित रूप से तीन गुना हो सकती है, के साथ-साथ नए जमाने की खपत (ईवी, डेटा सेंटर) से इस क्षेत्र को लंबे समय तक चलने वाली मजबूती मिलती है।

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