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ABN NEWS :- देश दुनिया : 'दुर्गा' बनेगी पाकिस्तानी मिसाइलों का काल, एक झटके में अमेरिका, चीन और इजरायल के क्लब में शामिल होगा भारत!

Abhyuday Bharat News / Tue, Apr 21, 2026 / Post views : 210

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भारत जल्द ही अमेरिका-चीन और इजरायल के एक खास क्लब में शामिल हो सकता है। DRDO का दुर्गा प्रोजेक्ट एक खास किस्म का लेजर हथियार बना रहा है, जिससे पाकिस्तान जैसे दुश्मनों की नींद उड़ गई है।

नई दिल्ली: भारत ने बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद से अपने अत्याधुनिक हथियारों की क्षमता में बड़ा इजाफा किया है। इसी कड़ी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक टेस्ट करने की तैयारी में है, जिसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। डीआरडीओ के इस मॉडर्न हथियार का नाम 100 किलोवाट लेजर वेपन है। इसे महत्वाकांक्षी दुर्गा (DURGA-2) प्रोग्राम के तहत विकसित किया जा रहा है। भारत ने यह परीक्षण कर लिया तो वह ऐसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा, जिनके पास डायरेक्टेड एनर्जी वेपंस हैं। मई, 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की ओर से आने वाले चाइनीज सैन्य ड्रोंस को तबाह कर दिया था।

DRDO का दुर्गा प्रोजेक्ट क्या है

दुर्गा यानी DURGA (Directionally Unrestricted Ray-Gun Array) प्रोग्राम डीआरडीओ की महत्वाकांक्षी परियोजना है। सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड कर रहा है। इसका मकसद ऐसा निर्देशित एनर्जी हथियार (DEW) बनाना, जो-

  • दुश्मन के ड्रोंस, मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को तबाह कर सके।

  • इसका मकसद भारत की रक्षा जरूरतों को देखते हुए किफायती हथियार बनाना।

  • परंपरागत हथियारों पर भारत की निर्भरता को घटाना।

DRDO 100 किलोवाट लेजर हथियर की खूबियां क्या हैं

  • हाई एनर्जी से भरपूर यह हथियार बेहद मारक होगा।

  • ड्रोंस, मिसाइलों और विमानों को नष्ट करने में सक्षम होगा।

  • प्रकाश की गति से यह दुश्मन के हथियारों को तबाह करेगा।

  • मिसाइलों के मुकाबले यह हथियार ज्यादा किफायती भी होगा।

  • भारतीय नौसेना के स्टील्थ युद्धपोतों की बढ़ेगी मारक क्षमता

    • फिलहाल, हाई एनर्जी से लैस इस हथियार को भारतीय नौसेना के स्टील्थ युद्धपोतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। भारतीय नौसेना की इस लेजर हथियार को अपने स्टील्थ जंगी बेड़े पर लगाने की योजना है।

    • युद्धपोत में पहले से ही एडवांस रडार और मिसाइल सिस्टम भी होंगे। लेजर हथियार शामिल होने से युद्धपोत की मारक क्षमता और बढ़ जाएगी।


    • लेजर हथियार आने से क्या बदलेगा

      • लेजर हथियार के आने से दुश्मन के ड्रोन झुंडों को तुरंत नष्ट किया जा सकेगा।

      • दुश्मन की ओर से आने वाली मिसाइलों का वास्तविक समय में मुकाबला हो पाएगा।

      • गोला-बारूद का बोझ कम कर पारंपरिक युद्धक रणनीति पर निर्भरता घटाएगा।

      • इससे नौसेना के जहाजों को मिसाइलों, तोपों और लेजरों को मिलाकर एक बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली मिलेगी।

    • अमेरिका-चीन, इजरायल के क्लब में आएगा भारत

      • डीआरडीओ के लेजर हथियार परीक्षण की कामयाबी के साथ ही भारत अमेरिका, चीन और इजरायल के उस क्लब में आ जाएगा, जो इस तरह के हथियार का पहले ही टेस्ट कर चुके हैं या जिन्होंने ऐसे सिस्टम तैनात किए हैं।

      • ये हथियार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैस है, जिससे दुश्मन की आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों की सटीक दूरी और उनकी क्षमता का आकलन करके उन्हें नष्ट किया जा सकेगा।

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# International News

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