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ABN NEWS :- देश दुनिया : चीन की चाल फिर हो गई फेल, श्रीलंका में भारत ने धड़धड़ाते हुए पहुंचा दी रेल

Abhyuday Bharat News / Tue, Apr 21, 2026 / Post views : 126

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भारत ने अपने पड़ोसी श्रीलंका में चक्रवात की वजह से प्रभावित रेल सेवा को बहाल करने में मदद की है। यह वही श्रीलंका है, जहां चीन ने भारत को घेरने के लिए भारी निवेश किया है। मगर, भारत ने श्रीलंका में भरोसे की रेल दौड़ा दी है।

नई दिल्ली: भारत ने श्रीलंका में रेल सेवा बहाल कर दी है। चक्रवात दितवाह से मची तबाही से श्रीलंका की रेल लाइन बर्बाद हो गई थी। नॉर्दर्न रेलवे लाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से को भारत ने ठीक कर दिया है। इस रेल लाइन को बहाल करने पर 50 लाख डॉलर का खर्च आया, जो भारत की ओर से दिए 45 करोड़ डॉलर के पैकेज का हिस्सा है। अब भारत ने बेहद कम समय में श्रीलंका की रेल लाइन बहाल की है। 'पड़ोसी पहले की नीति' के तहत भारत ने श्रीलंका के साथ संबंधों को और मजबूती प्रदान की है। भारत के लिए यह रणनीतिक तौर पर भी बेहद जरूरी है। हाल ही में भारत के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी श्रीलंका के दौरे पर थे। यह वही श्रीलंका है, जहां चीन ने स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति के तहत भारत को घेरने की रणनीति अपनाई है। चीन ने श्रीलंका में हंबनटोटा पोर्ट समेत कई जगहों पर बड़ा निवेश किया है। मगर, भारत ने इस द्वीपीय देश में भरोसे की रेल दौड़ा दी है। हाल ही में अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान भारत ने श्रीलंका और बांग्लादेश को तेल भी दिया है।

भारत ने श्रीलंका में बहाल कर दी रेल लाइन, 3 पुल भी बनाए

  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा-उपराष्ट्रपति ने भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के तहत 4000 आवास इकाइयों के अंतिम समूह को वर्चुअल रूप से सौंप दिया।

  • चक्रवात दितवाह के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए भारत द्वारा दिए जा रहे 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज के तहत भारत की ओर से बहाल की गई उत्तरी रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं की बहाली का ऐलान किया। उन्होंने तीन और बेली पुलों के निर्माण की भी घोषणा की।

  • ये पुल प्रभावित समुदायों को फिर से जोड़ने और महत्वपूर्ण संपर्क बहाल करने में सहायक होंगे।

  • भारत ने जिस उत्तरी रेलवे ट्रैक को बहाल करने में मदद की है, वो महावा जंक्शन से ओमानथाई स्टेशन को जोड़ता है। भारत ने 2019 और 2024 में भी दो चरणों में श्रीलंका के रेल ट्रैक आधुनिकीकरण में मदद की थी। 370 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इसमें कई सुरंगें भी बनाई गई हैं।

हाथियों को नुकसान न पहुंचे, ऐसे बनाए जा रहे ट्रैक

  • इस प्रोजेक्ट के तहत ऐसा रेलवे ट्रैक बनाया जा रहा है, जिसमें कई पुल और सुरंगें भी हैं। ताकि हाथियों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचे। भारत की IRCON International Limited इस काम में लगी है। इसमें भारतीय विशेषज्ञता, तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।

  • कोलंबो में इंडियन हाई कमीशन के अनुसार, यह रेल प्रोजेक्ट सिंहल और तमिल न्यू ईयर से पहले ही पूरा कर लिया गया था। सोशल मीडिया एक्स पर भारतीय उच्चायोग की ओर से किए गए पोस्ट के मुताबिक, नॉर्दर्न रेलवे लाइन बहाल हो गई है। यह प्रभावित इलाकों को आपस में जोड़ेगी।

  • श्रीलंकाई तमिलों के लिए ओसीआई कार्ड

    • उपराष्ट्रपति ने कोलंबों में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत सभ्यताओं के जमाने से संबंध रहा है। इसने दोनों देशों के बीच संपर्कों को जोड़ा।

    • उन्होंने भारतीय प्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए ओसीआई (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्ड जारी करने के लिए पात्रता मानदंडों के विस्तार का ऐलान किया। नए बदलावों के तहत भारत में रहने वाले पांचवीं और छठी पीढ़ी के भारतीय मूल के तमिलों को भी ओसीआई कार्ड मिल सकेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध और भी पुख्ता होंगे।


    श्रीलंका ने भी 19 भारतीय मछुआरों को रिहा किया

    इससे पहले सोमवार को श्रीलंका ने 19 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। श्रीलंका की नौसेना के अनुसार, इस साल अब तक 128 भारतीय मछुआरे गिरफ्तार किए गए, जिन पर श्रीलंका के समुद्र में मछली पकड़ने के आरोप है। श्रीलंका और तमिलनाडु के बीच पाक स्ट्रेट है, जो मछुआरों के लिए शानदार जगह है। मछली पकड़ने के दौरान दोनों देश के मछुआरे समुद्री सीमा पारकर जाते हैं।

  • भारत को स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति के तहत घेर रहा चीन

    • चीन अपनी स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति (String of Pearls) के तहत भारत को घेरने की कोशिशों में लगा हुआ है। इसी के तहत उसने भारत के पड़ोसी श्रीलंका में भी भारी-भरकम निवेश किया है।

    • हंबनटोटा बंदरगाह और कोलंबो पोर्ट सिटी समेत श्रीलंका के कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में चीन ने 12 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। इसके अलावा, श्रीलंका के कुल कर्जों में चीन का हिस्सा 45 फीसदी है। खासतौर पर यह तब और बढ़ गया, जब 2022 में श्रीलंका कर्जों में डूब गया था। यह चीन की कर्ज के जाल में फांसने की नीति है।

    • चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति दरअसल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत को चारों ओर से घेरने और अपनी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ाने की एक रणनीतिक योजना है। इसमें चीन द्वारा पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश जैसे देशों में बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों का एक नेटवर्क विकसित किया गया है।


    भारत की विश्वसनीय भूमिका की सराहना

    • इससे पहले 4 फरवरी को नई दिल्ली स्थित श्रीलंका के उच्चायोग ने श्रीलंका के 78वें स्वतंत्रता दिवस को कई कार्यक्रमों के साथ मनाया। इसमें भारत-श्रीलंका साझेदारी की गहराई और मजबूती को बताया गया।

    • जिसमें चक्रवात दितवाह के बाद भारत का समर्थन और प्राकृतिक आपदा के बाद 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज शामिल था, जो एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को उजागर करता है। समारोह के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरासुरिया और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजयथा हेरथ के संदेश पढ़े गए।

  • श्रीलंका ने माना भारत एक भरोसेमंद साथी

    अपने संबोधन में भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महिशिनी कोलोन ने चुनौतियों का सामना करने में कोलंबो के लचीलेपन और विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के निरंतर विस्तार के बारे में बताया। उन्होंने चक्रवात दितवाह के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित सहायता और 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा को स्वीकार करते हुए एकविश्वसनीय और दृढ़ साझेदार के रूप में भारत की भूमिकाकी पुष्टि की।

भारत ने 'पड़ोसी पहले की नीति' को लेकर जताई प्रतिबद्धता

  • इस मौके पर चीफ गेस्ट रहे विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा-भारत ने श्रीलंका की समृद्धि और स्थिरता को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। यह 'पड़ोसी पहले की नीति' और महासागर (MAHASAGAR) विजन के तहत है। उन्होंने कहा-दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध राजनीतिक जुड़ाव के नवीनीकरण, बढ़ते व्यापार और निवेश, विकास सहयोग के विस्तार और आपसी विश्वास के गहराने के साथ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


भारत को अब तक कुल 75 लाख अमेरिकी डॉलर की मदद

  • भारत की विकास साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि श्रीलंका को भारत की कुल सहायता 75 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई है, जिसमें महत्वपूर्ण अनुदान सहायता भी शामिल है। यह आवास, परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, रेलवे और डिजिटल परिवर्तन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती है।

  • मंत्री ने जन-जन संबंधों के महत्व पर भी बल दिया और कहा कि 2025 में भी भारत श्रीलंका के लिए पर्यटकों का सबसे बड़ा सोर्स बना रहेगा, जबकि शैक्षिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आदान-प्रदान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहे हैं।

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