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Trending news : आवारा कुत्ते के लिए भिड़े ब्राजील और मेक्सिको; दोनों ने इसे अपना बताया, 300 नस्लों से मिलकर बना ‘कैरामेलो डॉग’ title

Abhyuday Bharat News / Thu, Jun 4, 2026 / Post views : 201

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आवारा कुत्ते को लेकर, जहां एक तरफ भारत में सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में कैद करने का आदेश दिया है। वहीं दूसरी तरफ भारत से सात समंदर पार आवारा कुत्ते को अपनाने को लेकर दो देश आपस में भिड़ गए हैं। जी हां…. आवारा कुत्ते (कैरामेलो डॉग) को लेकर ब्राजील और मेक्सिको के बीच विवाद छिड़ गया है। 300 नस्लों से मिलकर बने कैरामेलो डॉग ब्राजील की पहचान है। ब्राजिल के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना फुटबॉल और सांबा संगीत।

दरअसल कैरामेलो डॉग को ब्राजील और मेक्सिको में लेकर विवाद की शुरुआत तब हुई, जब मेक्सिको ने अप्रैल 2026 में कैरामेलो को स्थानीय नस्ल घोषित कर दिया। मेक्सिको के इस फैसले के बाद ब्राजील के लोग नाराज हो गए। ब्राजीलियन ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान पर हमला माना।

वहीं अप्रैल में मेक्सिको के पर्यावरण अभियोजक कार्यालय ने इस पूरे विवाद पर कहा कि इस कदम का मकसद देसी और आवारा कुत्तों को लेकर लोगों की नकारात्मक सोच बदलना है। मेक्सिको में भी ऐसे भूरे कुत्ते बड़ी संख्या में मिलते हैं। इसकी वजह दोनों देशों का मिलता-जुलता इतिहास और मौसम है। ब्राजील ने सबसे पहले इन कुत्तों को पहचान जरूर दिलाई। हालांकि कैरामेलो सिर्फ एक देश का नहीं, पूरे लैटिन अमेरिका का है।

100 साल में विकसित हुआ कैरामेलो

शोध के अनुसार कैरामेलो की जड़ें उन कुत्तों तक जाती हैं जिन्हें पुर्तगाली उपनिवेशवादी अपने साथ ब्राजील लाए थे। बाद में इटली, जर्मनी, स्पेन और जापान से आए प्रवासी भी विभिन्न नस्लों के कुत्ते लेकर आए। 1930 से 1970 के बीच ब्राजील में औद्योगीकरण बढ़ा। इस दौरान ग्रामीण इलाकों के लोग शहरों की ओर आए तो वे अपने साथ खेतों और पशुओं की रखवाली करने वाले कुत्तों को भी लेकर आए। कई पीढ़ियों तक बिना किसी नियंत्रण के प्रजनन होने के बाद आज के कैरामेलो कुत्ते अस्तित्व में आए।

जानें इसकी खासियत

कैरामेलो पुर्तगाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ कैरेमल या टॉफी जैसा हल्का भूरा रंग होता है। इसी रंग के कारण ब्राजील में भूरे रंग के अवारा कुत्तों को ‘कैरामेलो’ कहा जाता है। कैरामेलो किसी एक शुद्ध नस्ल का कुत्ता नहीं है। ब्राजील की जेनेटिक्स कंपनी DNA पेट्स की स्टडी के मुताबिक, यह 300 से ज्यादा विदेशी नस्लों के कुत्तों के मिश्रण से बना है। यह कई पीढ़ियों में सैकड़ों नस्लों के प्राकृतिक मिश्रण से बना कुत्ता है।

ब्राजील में सालों से राष्ट्रीय विरासत बनाने बनाने की मांग

कैरामेलो डॉग 2019 में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि लोगों ने ब्राजील के 10 रियास के नोट पर बने पक्षी की जगह कैरामेलो डॉग की तस्वीर लगाने की मांग शुरू कर दी। इसके लिए शुरू हुई एक याचिका पर करीब 50 हजार लोगों ने साइन किए। इसके बाद 2023 में ब्राजील के सांसदों ने एक बिल पेश किया था, जिसमें कैरामेलो स्ट्रीट डॉग्स को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की गई थी। हालांकि, यह कानून अब तक पास नहीं हो सका है। इसके बाद साओ पाउलो समेत कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर इन्हें सांस्कृतिक विरासत का दर्जा देने वाले कानून बनाए।

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