Wed, 28 Oct 2026
Logo

ब्रेकिंग

भोपसरा में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण

लईका चिन्हारी' ऐप से आउट ऑफ स्कूल व दिव्यांग बच्चों की पहचान हेतु राज्य स्तरीय व्यावहारिक प्रशिक्षण निमोरा में संपन्न

छत्तीसगढ़ में हल्की ठंड की शुरुआत, अगले चौबीस घंटे में गिर सकता है तापमान,

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने माँ दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की का

विश्वास का फायदा उठाकर शासकीय व्याख्याता ने निजी स्कूल के खाते में कर दी सेंध-मारी, दीदी शिक्षण समिति के पदाधिकारी ने की

जीत कर भी गले मेँ आती है हार की माला, एक बड़ा भूमि घपला सामने आएगा

SP के नाम पर 10 हजार की ठगी, पुलिस को शर्म नहीं शोहरत लगती है

शिक्षक का आज, शिक्षा का कल : बदलती कक्षा, बढ़ती अपेक्षाएँ और शिक्षा के भविष्य की नई दिशा

सरस्वती शिशु मंदिर बैतलपुर में प्रांतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का भव्य समापन, उत्कृष्ट प्रतिभागी हुए पुरस्कृत

सूचना

मां बम्लेश्वरी मंदिर किसका, ट्रस्ट, राजपरिवार या गोंड-आदिवासी समाज का:पूजा पद्धति पर विवाद, भवानी बहादुर बोले- परंपरा बदली, सभी समाजों को मिले प्रतिनिधित्व

घर में घुसकर मां-बेटे का मर्डर:भतीजे ने बेटी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया; जादू-टोने के शक में वारदात, डोंगरगढ़ में 3 अरेस्ट

शराब घोटाला, कांग्रेस भवन पहुंचाए गए 860-880 करोड़:ED का दावा- कांग्रेस नेता रामगोपाल की मॉनिटरिंग में पहुंचा कैश, 9.06 करोड़ की संपत्ति अटैच

: 3 हजार फीट की ऊंचाई पर सांसे रोकने वाला प्रदर्शन, अबूझमाड़ मलखंब खिलाड़ियों का वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप

Share:

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के बैलाडीला स्थित ढोलकल की पहाड़ियों पर करीब तीन हजार फिट पर गणेश जी का मंदिर स्थापित है। आज इस मंदिर से एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। दरअसल, ढोलकल गणपति के सामने अबूझमाड़ मलखंभ खिलाड़ियों की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मलखंब का प्रदर्शन किया। पहाड़ियों में चट्टानों के बीच रस्सी बांधकर छात्रों ने मल्लखंब का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को देख हर कोई हैरान था। इस प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया में भी जमकर वायरल हो रहा है।

दंतेवाड़ा: बैलाडिला की पहाड़ी पर ढोलकर गणेश जी मंदिर है. करीब 3 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थापित ढोलकल गणपति के सामने अबूझमाड़ मलखंभ खिलाड़ियों की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है. अबूझमाड़ के मलखंब खिलाड़ी मलखंब के खेल में कई खिताब जीत चुके हैं. अपने अदभुत खेल कला का प्रदर्शन इन एक्सपर्ट खिलाड़ियों ने ढोलकल गणेश जी के सामने भी किया. मलखंब खिलाड़ियों के प्रदर्शन का वीडियो अब सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहा है. सीएमओ छत्तीसगढ़ ट्वीटर की ओर से भी ये वीडियो शेयर किया गया है. शेयर में मलखंब खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की गई है.

मलखंब का खेल: मलखंब के खेल की गिनती भारत के प्राचीन खेलों में होती है. इस खेल में एक मजबूत लकड़ी को खिलाड़ी खंभे के तौर पर इस्तेमाल करता है. रस्सी और हाथ पैरों की मदद से इस खंभे पर कई तरह के करतब खिलाड़ी दिखाता है. साल 2013 में इस खेल को मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य का खेल घोषित किया है.

कहां हैं ढोलकल गणेश: दंतेवाड़ा जिले में बैलाडिला की पहाड़ियां और घने जंगल हैं. इस जंगल में एक पहाड़ है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 3 हजार फीट ऊंची है. पहाड़ की चोटी पर गणपति बप्पा खुले आसमान के नीचे विराजमान हैं. बस्तर में ढोलकल के गणेश काफी प्रसिद्ध हैं. दूर दूर से लोग इनके दर्शन करने के लिए आते हैं.

मंदिर से जुड़ी बड़ी बातें

  • कहा जाता है यह मंदिर नागवंश के दौरान 10वीं और 11वीं शताब्दी के बीच बना था.

  • यह मंदिर ग्रेनाइट पत्थर से बना है.

  • इस मंदिर में गणेश जी की मूर्ति के ऊपरी बाएं हाथ में टूटा हुआ दांत है.

  • ऐसी मान्यता है भगवान परशुराम के फ़रसे से कटकर यहीं गणपति जी का एक दांत गिरा था.

  • कहा जाता है कि मंदिर को बनाने में करीब एक हज़ार साल लगा है.

  • मंदिर को कोढोलकल गणेश मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

  • प्रकृति प्रेमियों के लिए यह मंदिर अदभुत है.

Tags :

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement
Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

Advertisement

Related Posts