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: राजिम लोचन में पहले सावन सोमवार को भक्तो का उमड़ा सैलाब

Admin / Wed, Jul 24, 2024 / Post views : 336

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ABN EXPRESS 24x7 NEWS छत्तीसगढ़ के राजिम में तीन नदियो के संगम के बीच स्थित भोलेनाथ कुलेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहले सावन सोमवार में पूजा- अर्चना के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से लेकर शाम 4 बजे तक इंद्रदेव की प्रसन्नता झलक रही थी और रूक-रूककर रिमझिम बारिश होती रही। इसके बावजूद शिव भक्त मंदिर तक पहुंचते रहे। हालांकि नदी में बाढ़ के हालात है। बाढ़ के पानी से मंदिर का चबूतरा चारों तरफ से घिरा हुआ है। पैरी और महानदी की धार उफान पर है लिहाजा भक्तों के लिए लक्ष्मण झूला सेतु का काम किया है। राजिम पहुंचने वाले हजारो-हजार भक्त दर्शन के लिए दोनो शहर राजिम और नवापारा की ओर से लक्ष्मण झूला में चढ़कर मंदिर पहुंचे और चबूतरे में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार किए। एक-एक करके भक्तगण भीतर पहुंचकर बहुत ही श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा-अर्चना कर बाहर निकलते रहे। बता दें कि मौसम खराब होने और लगातार बारिश के बौछार के बाद भी श्रद्धालु अडिग रहे सुबह से पूजा करने पहुंचे भक्त हर कोई सावन के पहला सोमवार को धूमधाम से पूजा करने की चाहत आये हुए थे। मंदिर में भोलेनाथ की जयकारे सुबह से लेकर देर रात तक गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में अधिकतर महिलाएं एवं युवतियां शामिल थी जो बहुत ही धूमधाम और श्रद्धा भक्ति के साथ भोलेनाथ की पूजा आराधना कर रही थी। नदी तट पर मंदिर के सामने नारियल, बेल पत्ता, धतूरा के फूल और अन्य सामग्री की ढेर सारी दुकानें लगी हुई थी। दुकानदारो ने बताया कि, दिन भर पानी बरसते रहा बावजूद भोलेनाथ का दर्शन करने कोई 5 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। मंदिर में भीड़ को देखते हुए पुजारियों द्वारा क्रमवार दर्शन के लिए व्यवस्था बनाई गई थी। हर श्रद्धालु यह चाह रहे थे कि उन्हें धुम धाम से पूजा करने का ज्यादा समय मिले। परंतु भीड़ को देखते हुए यह संभव नहीं था। महिलाओं और युवतियों की श्रद्धा देखते ही बन रही थी। उल्लेखनीय है कि, नदी के बीच भोलेनाथ कुलेश्वर महादेव की स्थापना राम वन गमन के समय माता सीता ने किया था। लिहाजा इस मंदिर की ख्याति देश और दुनिया तक फैली हुई है।

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