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: कलेक्टर अवनीश शरण ने सरकारी जमीन बचाने किया ऐतिहासिक पहल, गठित जाँच दल जिम्मेदारी निभाकर साहब के प्रयास को मुकाम तक पहुचा पाएंगे क्या ?

Admin / Sat, Sep 28, 2024 / Post views : 331

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ABN EXPRESS NEWS 24x7 बिलासपुर - किसी भी देश, प्रदेश के विकास मे प्रशासनिक तंत्र कि महत्तवपूर्ण भूमिका होती है. जिसमे छोटे कर्मचारी से लेकर बडे अधिकारी अपने दायित्व का निर्वहन करते है. छत्तीसगढ प्रदेश कि बात करें तो राज्य गठन के बाद प्रदेश ने चौमुखी विकास किया है. इस विकास कि दास्ता लोगो के जुबा पर है. जिसका अहसास ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर तक को देखने पर पता चलता है छत्तीसगढ़ प्रदेश में जिला बिलासपुर के विकास की बात करें तो वर्तमान समय मे प्रदेश पर अपनी एक अलग पहचान बना चुका है. माननीय उच्च न्यायालय होने के कारण लोग इस जिला को न्यायाधानी के नाम से पुकारते है. वर्तमान समय मे कलेक्टर कि भूमिका इन दिनों अवनीश शरण निभा रहे है. जो प्रशासनिक तंत्र को निश्चित ही न्यायधानी नाम के अनुरूप संचालन करने का प्रयास कर रहे हैं. वह जिला के सांस्कृतिक धरोहर एवं सरकारी संपत्ति को बचाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं श्री शरण बहुत ही संवेदनशील एवं जिम्मेदार अधिकारी है। इनकी प्रशासनिक सेवा के बारे में बात किया जाए तो बताया जाता है कि वह छत्तीसगढ कैडर 2009 बैच के आईएएस अधिकारी है. वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले है. श्री अवनीश शरण के लिए जिला बिलासपुर बेहद खास माना जाता है. क्योकि उन्होने अपनी प्रशासनिक सेवा कि शुरवात जिला बिलासपुर से किया था। उन्होने वर्ष 2014 मे जिला बिलासपुर पर सहायक कलेक्टर कि जिम्मेदारी के साथ प्रशासनिक सेवा कि शुरूवात किया. इसके अलावा वह नगर निगम कमिशनर के रूप मे भी कार्य कर चुके है. यही कारण है कि श्री शरण जी बिलासपुर को भौगोलिक दृष्टीकोण से बखूबी समझते हैं। अपने इसी अनुभव का लाभ जिला बिलासपुर को विकास के रूप मे देने का प्रयास कर रहे है। जिला कलेक्टर अवनीश शरण के द्वारा शहर को बचाने के लिए कुछ ऐतिहासिक निर्णय लिया गया. जिसको सफल बनाने मे विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कितनी रूची लेते है यह तो बता पाना मुश्किल है क्यो कि विगत कुछ दिनो पूर्व श्री शरण ने गोकने नाला का सीमांकन के लिए दिनांक 20.08.2024 को आदेश जारी कर 15 सदस्य कि जॉच दल गठन किया और संपूण रिपोर्ट 15 दिवस के भीतर जमा करने कहा था. मामले पर सूत्र बता रहे है कि अब तक उक्त रिपोर्ट जमा नही हो पाया है। लोगो के बीच चर्चा हो रही है कि गोकने नाले का अगर निष्पक्षता से जांच किया जाए तो अधिकांश भाग पर बेजा कब्ज होने के पुष्टि कि संभावना है. इसी तरह इनके द्वारा दूसरा बडा कार्य सरकारी जमीन को सुरक्षित करने कि दिशा मे प्रयास करना रहा . क्योंकि सरकारी जमीन का अधिकांश भाग रसूकदारों ने कब्जा कर रखा है जिला कलेक्टर ने सरकारी जमीन का सीमांकन करने जाँच दल का गठन किया था. लेकिन यह कार्य भी कछवा गति से चल रहा है। सरकार के लिए आज के समय मे सरकारी जमीन को बचाना बहुत बडी चुनौती बन चुकी है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने न्यायाधानी पर सरकारी जमीन को बचाने का एक अच्छा प्रयास किया है. वही कुछ दिनों तक अवैध प्लाटिंग करने वाले भू माफिया के खिलाफ कार्यवाही का मुहीम चलाया गया था लेकिन जिम्मेदार अधिकारी के उदासीनता के कारण यह कार्यवाही ठंडे बस्ते मे जा चुका है. राजस्व अधिकारी को आवश्यकता है कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार पूर्णता ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें. अगर ऐसा होता है तो निश्चित कि न्यायाधानी के सांस्कृतिक धरोहर जैसे प्राकृतिक नाला, सरकारी जमीन को बचाने में सफलता प्राप्त होगी. समाचार के आखिरी में हम तो बस इतना कहेंगे कि कलेक्टर हो तो अवनीश शरण जैसा हो. जिला बिलासपुर के लिए सौभाग्य की बात है कि विकास के राह पर साहब श्री शरण हमारे साथ है
  • अभ्युदय भारत न्यूज़ ( संतोष साहू)

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